जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के सारे ब्लास्ट फर्नेस के जेडीसी को समायोजित कर दिया गया था. इसको लेकर अब समस्या उत्पन्न हो गया है. कई चीफ जेडीसी में नहीं हो पाते है जबकि जेडीसी के सदस्यों की ड्यूटी में राहत नहीं मिलती है, जिस कारण सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं हो पाते. इन सारे मसलों को लेकर सोमवार को टाटा स्टील के चीफ ऑफ ब्लास्ट फर्नेसेस पदमपाल के स्तर पर अहम बैठक हुई. इस बैठक में एचबीएफ के चीफ शंभूनाथ, बसंत सिंह, सभी ब्लास्ट फर्नेस के चीफ, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, कोषाध्यक्ष आमोद दुबे, उपाध्यक्ष संजीव तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान कमेटी मेंबर भी थे. कमेटी मेंबरों ने बताया कि जेडीसी की बैठक में शामिल होने के लिए उनको ड्यूटी में राहत नहीं मिलती है. इसमें तय हुआ कि जब भी जेडीसी की बैठक होगी तो सदस्यों और कमेटी मेंबरों को जेनरल शिफ्ट की ड्यूटी करायी जायेगी क्योंकि वे लोग मीटिंग में शामिल हो सके. (नीचे देखे पूरी खबर)
इस दौरान सारे जेडीसी को फिर से अलग अलग करने की मांग रखी गयी. इसके बाद तय किया गया कि इस पर चीफ ऑफ ब्लास्ट फर्नेसेस सभी से अलग से चर्चा कर और उसके गुण और दोष का अध्ययन कर कदम उठायेंगे. छोटी-छोटी समस्याओं को विभागीय स्तर पर ही हल करने का फैसला लिया गया. प्रबंधन ने स्पोर्ट्स इवेंट शुरु करने को कहा. विवाद की वजह से टीम नहीं बन पाने के कारण इंटर जेडीसी क्रिकेट टूर्नामेंट में ब्लास्ट फर्नेस की टीम शिरकत नहीं कर पायी थी. अब सभी इवेंट शुरु करने पर सहमति बनी. बैठक में तय किया गया कि प्रजेंटेशन के समय में कटौती कर सदस्यों के समस्याओं पर अधिक ध्यान देने की जरुरत है ताकि उसे हल किया जा सके. मिनट ऑफ मीटिंग को डिजिटलाइज करने की बात कही गयी. चाय और नाश्ता भी मिले, यह भी मुद्दा उठाया गया, जिस पर सहमति बन गयी.




