जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोमवार को डिमना स्थित नए एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था अभी भी एक बड़ी चुनौती है. सुवर्णरेखा नदी से पाइपलाइन के जरिए पानी लाने में लगभग एक साल का समय लगेगा. वहीं, फिलहाल अस्पताल परिसर में छह बोरिंग कराए गए हैं, जो नाकाफी हैं. ऐसे में साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल के सभी वार्डों को तुरंत शिफ्ट करना संभव नहीं है. (नीचे देखे पूरी खबर)
डॉ. अंसारी ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, शहरी विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के सचिवों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी. बैठक में डिमना अस्पताल तक पानी पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्यभर में एम्बुलेंस की कमी को देखते हुए जल्द ही 300 बड़े एम्बुलेंस और 300 बाइक एम्बुलेंस की खरीदारी की जाएगी, जिससे दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचाई जा सकें. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने प्राचार्य डॉ. दिवाकर हांसदा, अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान, उपाधीक्षक डॉ. जुझार मांझी और निर्माण कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की. (नीचे देखे पूरी खबर)
मंत्री ने पूछा कि कब तक भवन पूरी तरह से तैयार कर हैंडओवर किया जाएगा. इस पर कंपनी अधिकारियों ने 31 मई की तारीख बताई. मंत्री ने स्पष्ट किया कि 100 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान तभी किया जाएगा जब निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा कर दिया जाएगा. उन्होंने भवन निर्माण को ‘बिना प्लानिंग का’ बताते हुए गुणवत्ता और योजना दोनों पर सवाल उठाए. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ओपीडी का जायजा लिया और मेडिसिन विभाग में खुद का ब्लड प्रेशर भी नपवाया, जिसमें उनका बीपी 124/80 दर्ज किया गया. डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि नए एमजीएम अस्पताल को जल्द से जल्द पूरी सुविधाओं के साथ शुरू किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.




