जमशेदपुर : टाटा स्टील में बोनस समझौता कभी भी हो सकता है. इसको लेकर तैयारी पूरी हो गयी है. बुधवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने अपने सारे ऑफिस बियररों के साथ जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित टाटा स्टील के चमरिया गेस्ट हाउस में बैठक की है. इस बैठक में यह बताया गया है कि बोनस समझौता होना है. जल्द ही इसको लेकर बातचीत पूरी हो जायेगी. इसके बाद वार्ता होगी. यह संभावना जतायी जा रही है कि बुधवार की सुबह या गुरुवार को बोनस समझौता हो जायेगा. इसकी वजह है कि टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन जमशेदपुर में पिछले दो दिनों तक है. गुरुवार को वे वापस मुंबई जायेंगे और फिर दूसरे कामों में व्यस्त हो जायेंगे. बताया जाता है कि बुधवार को ऑफिस बियररों की राय अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने जान ली है. इसके बाद वे मीटिंग करेंगे. बताया जाता है कि ज्यादा कोशिश हो रही है कि पुराने फार्मूला के तहत ही बोनस समझौता किया जाये. (नीचे भी पढे़ं)
इसकी वजह है कि पुराना फार्मूला से ही कर्मचारियों को ज्यादा लाभ होगा. वैसे मैनेजमेंट चाहती है कि बोनस की राशि को लेकर पुराना फार्मूला नहीं बल्कि नया फार्मूला बनाया जाये. इसको लेकर यूनियन लगातार इसका प्रयास कर रहा है कि बेहतर बोनस हो जाये. अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने इसको लेकर मैनेजमेंट पर दबाव बनाया है. लगातार कोशिश हो रही है कि बेहतर बोनस किया जाये. पुराना बोनस का फार्मूला वर्ष 2014 में तैयार किया गया था. यह समझौता मूलरुप से तीन साल के लिए था, लेकिन इसके बाद हर साल बढ़ाया जाता रहा. फार्मूला के तहत बोनस की राशि प्रोफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी (प्रति टन सेलेबल स्टील पर लाभ), प्रोडक्टिविटी (प्रति टन क्रूड स्टील का प्रति व्यक्ति वार्षिक उत्पादन) और सेफ्टी (एलटीआइआर) को तय किया गया है. (नीचे भी पढे़ं)
गौरतलब है कि पिछले साल 9 सितंबर 2024 को बोनस समझौता हुआ था. इसमें कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 303.13 करोड़ रुपये (करीब 17.89 फीसदी) मिली थी. पिछले साल कंपनी के मुनाफा 11275.09 करोड़ रुपये के बदले 169.13 करोड़ रुपये, प्रोफिटेबिलिटी पर 49 करोड़ रुपये, प्रोडक्टिविटी पर 80 करोड़ रुपये और एलटीआइएफआर पर 5 करोड़ रुपये मिले थे. कुल 26479 कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि बांटी गयी थी. इसमें 11654 कर्मचारी सिर्फ जमशेदपुर के थे. जमशेदपुर में कुल 168.64 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर बंटे थे. इसमें ओल्ड सीरीज (स्टील वेज) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 4 लाख 9 हजार 462 रुपये थख़ जबकि न्यू सीरीज (एनएस ग्रेड) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 1 लाख 13 हजार 515 रुपये था और न्यूनतम राशि 38 हजार 203 रुपये था. कर्मचारियों का औसत बोनस 1 लाख 44 हजार 706 रुपये मिला था.



