जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता गुरुवार को हो गया. विपरित परिस्थितियों और कंपनी के घाटे के बावजूद तय फार्मूला के आधार पर मिलने वाले 272.83 करोड़ रुपये से अधिक 303.13 करोड़ रुपये दिलाने में टाटा वर्कर्स यूनियन कामयाब रही. 30 करोड़ 30 लाख रुपये ज्यादा बोनस कंपनी प्रबंधन की ओर से दिया गया. इसको लेकर टाटा स्टील मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच कई राउंड की बैठक हुई. इस बैठक के बाद तय हुआ कि पुराना फार्मूला के तहत ही बोनस मिलेगा, जिसके तहत 272.83 करोड़ रुपये बोनस के मद में मिलेगा. इसके बाद यूनिन ने आग्रह किया कि बोनस की राशि को बढ़ायी जाये क्योंकि यह राशि पिछले साल से भी बहुत ज्यादा कम है. इसके बाद पिछले बार के बोनस के राशि के अनुरुप ही 303.13 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गयी. उपश्रमायुक्त अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई इस त्रिपक्षीय समझौता में कंपनी की ओर से टाटा स्टील के सीइओ टीवी नरेंद्रन, चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल समेत वरीय अधिकारी और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों ने समझौता पर हस्ताक्षर किया. (नीचे भी पढ़ें)

डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह बीमार है. वे वीडियो कॉल पर मौजूद थे. उनसे भी रजामंदी ली गयी, जिसके बाद समझौता पर हस्ताक्षर किये गये. समझौता के तहत कुल 25907 कर्मचारियों के बीच 303.13 करोड़ रुपये बांटे जायेंगे. इसमें जमशेदपुर में 152.44 करोड़ रुपये 11446 कर्मचारियों के बीच बंटेंगे. कुल बोनेसेबल अमाउंट 1817.05 करोड़ रुपये है. वहीं जमशेदपुर और ट्यूब में औसत बोनस 1,33,178 रुपये मिलेगा जबकि ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 3,92,213 रुपये, एनएस ग्रेड को अधिकतम 39,004 रुपये बोनस के तौर पर मिलेगा. 6 सितंबर तक कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में पैसा चला जायेगा. बताया जाता है कि यूनियन ने 30 करोड़ 30 लाख रुपये बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है. मैनेजमेंट के साथ हुए समझौता में यह वादा यूनियन ने किया है कि इंप्लाइज कॉस्ट और प्रोडक्टिविटी में बढ़ोत्तरी करने में यूनियन पूरा सहयोग करेगी और मजदूर भी साथ देंगे. इसके लिए राशि बढ़ायी गयी. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने इसको लेकर विटो पावर लगाया, जिसके बाद अब तक का सबसे ज्यादा राशि 30 करोड़ 30 लाख रुपये अधिक देने पर प्रबंधन राजी हुई. (नीचे भी पढ़ें)

पिछले साल का यह था बोनस का फार्मूला और यह मिली थी राशि :
पुराना बोनस का फार्मूला वर्ष 2014 में तैयार किया गया था. यह समझौता तीन साल के लिए था, लेकिन इसके बाद हर साल इसके आधार में करीब 10 साल से बोनस समझौता हो रहा है. फार्मूला के तहत बोनस की राशि प्रोफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी (प्रति टन सेलेबल स्टील पर लाभ), प्रोडक्टिविटी (प्रति टन क्रूड स्टील का प्रति व्यक्ति वार्षिक उत्पादन) और सेफ्टी (एलटीआइआर) को तय किया गया है. पिछले साल 9 सितंबर 2024 को बोनस समझौता हुआ था. इसमें कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 303.13 करोड़ रुपये (करीब 17.89 फीसदी) मिली थी. पिछले साल कंपनी के मुनाफा 11275.09 करोड़ रुपये के बदले 169.13 करोड़ रुपये, प्रोफिटेबिलिटी पर 49 करोड़ रुपये, प्रोडक्टिविटी पर 80 करोड़ रुपये और एलटीआइएफआर पर 5 करोड़ रुपये मिले थे. कुल 26479 कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि बांटी गयी थी. इसमें 11654 कर्मचारी सिर्फ जमशेदपुर के थे. जमशेदपुर में कुल 168.64 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर बंटे थे. इसमें ओल्ड सीरीज (स्टील वेज) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 4 लाख 9 हजार 462 रुपये थख़ जबकि न्यू सीरीज (एनएस ग्रेड) के कर्मचारियों का अधिकतम बोनस 1 लाख 13 हजार 515 रुपये था और न्यूनतम राशि 38 हजार 203 रुपये था. कर्मचारियों का औसत बोनस 1 लाख 44 हजार 706 रुपये मिला था.
पुराना फार्मूला के तहत ऐसे मिलता राशि, जिसमें की गयी बढ़ोत्तरी :
पुराना बोनस का फार्मूला के तहत बोनस की राशि प्रोफिट का 1.5 फीसदी, प्रोफिटेबिलिटी (प्रति टन सेलेबल स्टील पर लाभ), प्रोडक्टिविटी (प्रति टन क्रूड स्टील का प्रति व्यक्ति वार्षिक उत्पादन) और सेफ्टी (एलटीआइआर) को तय किया गया है. इस साल कंपनी का मुनाफा 9255.05 करोड़ रुपये रहा, जिस पर 138.83 करोड़ रुपये, सेलेबल स्टील 14.83 टन, प्रोफिटेबिलिटी 6241/टन सेलेबल स्टील पर 41.5 करोड़ रुपये, कर्मचारियों की संख्या 25907 है, जिस पर प्रोडक्टिविटी 599 टन क्रूड स्टील प्रति कर्मचारी प्रति साल हुआ, जिस पर 87.5 करोड़ और सेफ्टी पर 5 करोड़ रुपये मिला. इस तरह कुल 272.83 करोड़ रुपये बोनस की राशि बनी. लेकिन यूनियन ने दबाव बनाया. मैनेजमेंट ने भी उदारता दिखायी, जिसके बाद कुल 272.83 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर देने की घोषणा कर दी गयी.




