जमशेदपुर : टाटा स्टील को भूषण स्टील के अधिग्रहण से अधिग्रहण को लेकर 25185.51 करोड़ रुपये का कर्ज माफी के मामले में आयकर विभाग की ओर से दिये गये नोटिस को टाटा स्टील ने बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बांबे हाईकोर्ट में दायर याचिका में टाटा स्टील ने कहा है कि यह गलत तरीके का नोटिस है और इसकी राशि की देनदारी टाटा स्टील पर नहीं बनती है. इसको चुनौती दी गयी है. अभी यह हियरिंग की स्थिति में है. बताया जाता है कि टाटा स्टील को भूषण स्टील के अधिग्रहण से संबंधित कर्ज माफी के मामले में आयकर विभाग का एक आदेश मिला है, जो दिवालियापन कानून के तहत हुआ था. मई 2018 में टाटा स्टील ने अपनी स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बामनीपाल स्टील के माध्यम से भूषण स्टील को दिवालियापन और ऋणषोधण संहिता की प्रक्रिया के तहत खरीदा था. बाद में भूषण स्टील का नाम बदलकर टाटा स्टील बीएसएल लिमिटेड कर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इस अधिग्रहण के कारण टाटा स्टील बीएसएल के पक्ष में 25185.51 करोड़ रुपये का कर्ज माफी कर दिया गया था. टाटा स्टील बीएसएल और बामनीपाल स्टील का टाटा स्टील के साथ नवंबर 2021 में हुआ था. टाटा स्टील के मुताबिक, 13 मार्च 2025 को कंपनी को एक शो कॉज नोटिस मिला था, जिसमें कर्ज माफी की राशि के बारे में और दस्तावेज मांगे गये थे. यह नोटिस मुंबई के इनकम टैक्स के डिप्टी कमीश्नर के कार्यालय के मूल्यांकन अधिकारी द्वारा कर टैक्सेबल इनकम के पुनर्मूल्यांकन के लिए एसेसमेंट इयर 2019-2020 के संदर्भ में जारी कयिा गया था. टाटा स्टील ने कहा कि भूषण स्टील की वित्तीय वर्ष 2018-2019 की इनकम टैक्स रिटर्न को जून 2020 में इनकम टैक्स विभाग ने बिना किसी मांग के स्वीकार कर लिया था, जिसमें कर्ज माफी से संबंधित कोई मांग नहीं थी. कंपनी ने



