जमशेदपुर : टाटा स्टील कलर्स (पहले टाटा ब्लूस्कोप) के कर्मचारियों का नया ग्रेड रिवीजन समझौता हो गया है. कर्मचारियों के वेतन में करीब 19 हजार से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. टाटा स्टील कलर्स एम्प्लॉई यूनियन एवं प्रबंधन के बीच कर्मचारियों के वेज (ग्रेड) रिवीजन से संबंधित समझौता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. यह समझौता उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में किया गया. समझौते के दौरान प्रबंधन और यूनियन दोनों पक्षों ने औद्योगिक शांति, आपसी विश्वास और कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए भविष्य में भी मिल-जुलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने प्रबंधन के सकारात्मक दृष्टिकोण, सहयोगपूर्ण रवैये तथा कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की. उन्होंने कहा कि यूनियन और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि संस्थान की प्रगति और औद्योगिक सौहार्द भी और मजबूत होगा. उन्होंने आगे भी प्रबंधन के साथ मिलकर रचनात्मक ढंग से कार्य करने की यूनियन की प्रतिबद्धता दोहराई. यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष विजय खान ने कहा कि आज के औद्योगिक परिस्थिति को देखते हुए यह समझौता काफी सराहनीय है और उन्होंने इसके लिए यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री, डिप्टी प्रेसिडेंट, यूनियन के सभी पदाधिकारी और कमेटी मेंबर्स और टाटा स्टील कलर्स के एमडी प्रवीण थम्पी, सीएचआरओ नीना बहादुर, प्लांट हेड इंद्रनील विश्वास, डीजीएम राजेश त्रिपाठी का आभार व्यक्त किया. वहीं, कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रवीण वी थंपी ने यूनियन द्वारा किए जा रहे सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की प्रशंसा की. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि यूनियन ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रबंधन कर्मचारियों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और आपसी सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए यूनियन के साथ खड़ा रहेगा तथा भविष्य में भी हर संभव सहयोग प्रदान करेगा. इस महत्वपूर्ण समझौते को सफल बनाने में वेज कमेटी के तीनों सदस्यों महासचिव संजय कुमार सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव एवं उपाध्यक्ष हुसैनुल ओला कादरी के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई. प्रबंध निदेशक और यूनियन अध्यक्ष दोनों ने उनके सतत प्रयास, बेहतर समन्वय तथा कर्मचारियों के हित में किए गए योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से समझौते को सकारात्मक रूप से अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण सहायता मिली. समझौते के बाद दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ कंपनी और यूनियन के संबंधों को और मजबूत करेगी. यूनियन और प्रबंधन ने संयुक्त रूप से कहा कि औद्योगिक सौहार्द, संवाद और सहयोग की परंपरा को आगे भी बनाए रखा जाएगा. इस समझौता के तहत एमजीबी 4400 रुपये, एचआरए 1072 रुपये, निवेश 1072, इंक्रीमेंट 1120 रुपये, एलाउंस 6895 रुपये, लेवल चेंज फिटमेंट 125 रुपये, नाइट शिफ्ट 270 रुपये, अपग्रेडेशन बेनीफिट 600 रुपये, कंटीजेंसी 2250 रुपये, लीव इनकैशमेंट 1770 रुपये यानी कुल 19569 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. (नीचे भी पढ़ें)

समझौते के तहत नाइट शिफ्ट एलाउंस 60 से बढ़ाकर 100 रुयपे कर दिया गया. टर्म इंश्योरेंस की राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गयी. हेल्थ इंश्योरेंस की राशि 2.5 लाख रुपये है, जिसे गंभीर मामलों में अतिरिक्त 5 लाख रुयपे बढ़ाया जा सकता है यानी कुल बीमा राशि 7.5 लाख रुपये तक हो चुका है. इंक्रीमेंट वैल्यू 375 रुपये से 815 रुपये तक कर दिया गया है, जो पहले 275 रुपये से 450 रुपये था. वीडीए का 10 फीसदी राशि का विल य हो गया, जो 6376 परुपये थी, जिसको समायोजित कर दिया गया है. समझौता के तहत सीटीसी में औसतन बढोत्तरी सात साल में 19 हजार रुपये है. न्यूनतम सीटीसी अब 18805 रुपये हो जायेगा जबकि अधिकतम बढ़ोत्तरी सीटीसी में 7 साल में 21 हजार 200 रुपये हो गया है. एलटीए को 1 अप्रैल 2028 को रिवाइज किया जायेगा. समझौता पर मैनेजमेंट की ओर से एमडी प्रवीण वी थंपी, प्लांट हेड इंद्रणील विश्वास, सीएचआरओ नीना बहादुर, डीजीएम एचआर राजेश त्रिपाठी, एचआर के डिप्टी हेड मनीष कुमार, मैनेजर एचआर रिचा पांडेय जबकि यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, कार्यकारी अद्यक्ष विजय खान, डिप्टी प्रेसिडेंट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, महासचिव संजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष हुसैनुल ओला कादरी, पवन कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रवि उपाध्याय, संयुक्त सचिव सृष्टिधर महतो, संगठन सचिव प्रवीण कुमार राय, आदित्य राज, संतोष कुमार साहू, देव कुमार मिडया, कृष्ण यादव, जीतेंद्र कुमार, प्रियंका कुमारी समेत अन्य लोग मौजूद थे.




