
जमशेदपुर : मुआवजे की मांग को लेकर टाटा स्टील की ठेका कंपनी मानसरोवर लॉजिस्टिक के मालिक त्रिलोक सिंह के सीएच एरिया स्थित घर का घेराव किया गया. इसकी सूचना पाते ही त्रिलोक सिंह घर से भाग निकले और जिसके बाद अपने पदाधिकारी सोनू भाटिया को मामले को शांत कराने हेतु भेज दिया और सोनू भाटिया को महज 70 हजार रुपए भुगतान करने की बात को पुनः दोहराया. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने सोनू भाटिया को विरोध कर भगा दिया और वहां पर उपस्थित लोगों ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस मामले में बिल्कुल भी आगे हस्तक्षेप और प्रतिनिधित्व ना करें. इस आंदोलन में महागठबंधन का दल एकजुट नजर आया. इस मौके पर इंटक नेता राजीव पाण्डेय और झामुमो नेता महावीर मुर्मू के संयुक्त नेतृत्व में त्रिलोक सिंह के घर के समक्ष प्रदर्शन किया गया. इस मौके पर झामुमो नेता मिथुन चक्रवर्ती ने 72 घंटा का चेतावनी देने का प्रस्ताव रखा, जिसके बात का समर्थन करते हुए इंटक नेता दीपक मिश्रा ने 72 घंटे बाद संयुक्त रुप से महागठबंधन पार्टी के बैनर तले त्रिलोक सिंह के घर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन करने की सहमति उपरांत आगे की रणनीति तैयार की गई. आपको बता दें कि टाटा स्टील में काम के दौरान ठेका कर्मचारी की मौत हो गयी थी. उक्त कर्मचारी मानसरोवर लॉजिस्टिक के लिए काम करते थे. उनकी विधवा सिमरन कौर उर्फ सरस्वती को मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं दिया गया, जिसके खिलाफ यह नारेबाजी की गयी.





