
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर कंपनी के भीतर सख्ती बढ़ा दी है. इस कड़ी में टाटा स्टील में कोरोना को लेकर कड़े कदम उठाये गये है. टाटा स्टील के कर्मचारियों और अधिकारियों को यह कहा गया था कि वे लोग अपना ट्रैवल हिस्ट्री का खुलासा जरूर करें और फार्म भरने को कहा गया था कि कर्मचारी और अधिकारी यह बतायें कि वे कहां-कहां गये है और कहीं बाहर से आना जाना किये है या नहीं. छुट्टी के दौरान क्या करते है और यह भी कहा गया है कि वे लोग बताये कि उनकी ट्रैवल हिस्ट्री के अलावा घर पर आने जाने वाले लोग कैसे होते है और घर के लोग तो कहीं बाहर से आना जाना नहीं कर रहे है. इसकी विस्तृत जानकारी का फार्म भरने को कहा गया था. लेकिन कई अधिकारी और कर्मचारी इसकी जानकारी साझा नहीं कर रहे है. इसको लेकर अब टाटा स्टील प्रबंधन ने सख्ती बरती है. टाटा स्टील प्रबंधन ने अब एक सितंबर से साफ तौर पर कह दिया है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना को लेकर दिये गये फार्म भरकर नहीं देते है या जानकारी साझा नहीं करते है तो उनको अब कंपनी के गेट पर ही रोक दिया जायेगा. उनको तब तक कंपनी के भीतर इंट्री नहीं दी जायेगी जब तक जानकारी को साझा नहीं करते है. इसके तहत कंपनी के गेट पर जो लोग फार्म नहीं भरे है, उनके गेट पास को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जायेगा और उनके हाजिरी पर भी असर पड़ेगा. ऐसे में गेट पर ही उनकी पहचान हो जायेगी, जिसके बाद आरएफआइडी से उनको इंट्री को रोक दी जायेगी. पहले उनको वहीं पर फार्म भरने का ऑप्सन दिया जायेगा, जिसके बाद ही उनको कंपनी के भीतर इंट्री दी जायेगी.
मुफ्त में ठेका कर्मचारियों का भी होगा कोरोना टेस्ट
टाटा स्टील द्वारा मुफ्त में ठेका कर्मचारियों को भी कोरोना टेस्ट कराया जायेगा. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने एक सरकुलर जारी कर कहा है कि मुफ्त में कोरोना का टेस्ट किया जायेगा. इसके लिए परिस्थितियों को साफ किया गया है, जिसमें यह कहा गया है कि उनका ही टेस्ट कराया जायेगा, जो बाहर से आये है या वैसे व्यक्ति है, जो कोरोना के क्लोज कांटैक्ट के हो सकते है. इसमें कांट्रैक्टर्स और वेंडर्स के कर्मचारी शामिल है. कांटैक्ट ट्रेसिंग वाले लोगों का ही मुफ्त टेस्टिंग कराया जायेगा.






