
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वैसे कर्मचारियों के डिप्लोमा सर्टिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया है, जो गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा की डिग्री हासिल की है या डिप्लोमा की पढ़ाई करने के बीच में ही संस्था की मान्यता समाप्त हो गयी है. टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से किये गये आग्रह के बाद यह बदलाव किया गया है. इसके लिए एक सरकुलर भी जारी कर दिया गया है. इस सरकुलर के मुताबिक कहा गया है कि टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से आग्रह किया गया था कि कई ऐसे कर्मचारी है, जो डिप्लोमा का सर्टिफिकेट लिये हुए है, लेकिन टाटा स्टील की ओर से मान्यता उन संस्थानों को नहीं दिया गया है या फिर उक्त संस्थान को एआइसीटीइ या यूजीसी से मान्यता नहीं है, लेकिन कर्मचारियों ने डिप्लोमा की डिग्री हासिल कर ली है, लेकिन अब वे लोग सिर्फ इसलिए प्रोमोशन के लिए आवेदन नहीं कर पाते है क्योंकि टाटा स्टील उसको मान्यता नहीं देती है. मसलन, कोलकाता का इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मेटल एएमआइइ/एएमआइआइएम, इंस्टीच्यूट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, नयी दिल्ली के इंस्टीच्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक का डिग्री, इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडिया का बीइ मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री या कंप्यूटर इंजीनियर्स ऑफ इंडिया की डिग्री को मान्यता दी गयी थी, जिसको वापस ले लिया गया था. यूनियन ने बताया था कि ऐसे कई कर्मचारी है, जो एनएस 7 ग्रेड या आइएल 6 अधिकारी बनने के लिए परीक्षा नहीं दे पा रहे है. काफी लंबी वार्ता के बाद टाटा स्टील ने तय किया है कि ऐसे सारे संस्थानों से डिप्लोमा का सर्टिफिकेट लेने वाले को एक मौका दिया जायेगा. लेकिन उन लोगों को ब्रिज कोर्स बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ से करना होगा. जो ब्रिज कोर्स करेगा और परीक्षा पास कर लेगा, उसको मान्यता दे दिया जायेगा चाहे टाटा स्टील से मान्यता प्राप्त संस्था हो या नहीं, एआइसीटीइ या यूजीसी से मान्यता प्राप्त हो या नहीं सबको यह कोर्स करना होगा, जिसके बाद परीक्षा होगी. जो परीक्षा उत्तीर्ण करेगा, उसको मान्यता दे दिया जायेगा यानी उक्त कर्मचारी आइएल 6 का अधिकारी या एनएस 7 ग्रेड में प्रोमोशन पाने के लायक हो जायेगा. इसके तहत एसएनटीआइ में इच्छुक कर्मचारी इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या उससे जुड़े हुए संभाग, मैकेनिकल और मेटलर्जी में 40 सप्ताह का शाम के वक्त क्लास कर सकेंगे, जिसके लिए कंपनी की ओर से कोई रिलीज नहीं दिया जायेगा. एक क्लास में 12 ट्रेनीज ही बैठेंगे और क्लास कर सकेंगे. यह जुलाई 2020 से लोग कोर्स कर सकेंगे.






