
जमशेदपुर : टाटा स्टील की ओर से भ्रष्टाचार, घूसखोरी और मनी लांड्रिंग जैसे मसले को लेकर सख्त कदम उठाये है. इसको लेकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से लेकर सारे अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है. इसके तहत नियम भी सख्त कर दिये गये है. टाटा कोड ऑफ कंडक्ट के तहत बनाये गये कानून के तहत घूसखोरी और मनी लांड्रिंग जैसे मुद्दे पर लगाम कसने के लिए टाटा स्टील के एमडी ने एथिक्स को लेकर नये कदम उठाये है. घूसखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस पर रखा गया है और अगर किसी तरह दोषी पाये गये तो उसको किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा, यह स्पष्ट निर्देश दे दिये गये है. टाटा कोड ऑफ कंडक्ट के साथ घूसखोरी, भ्रष्टाचार और एंटी मनी लांड्रिंग पॉलिसी को कंपनी ने लागू की गयी है. इसके तहत आतंकियों को किये जाने वाले फंडिंग जैसे मसलों को भी गंभीरता से लेते हुए इस पॉलिसी को कंपनी ने लागू किया है.



