जमशेदपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमशेदपुर के एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में दिशा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया, जिसमें छह इकाइयों,, जमशेदपुर, नोआमुंडी, वेस्ट बोकारो, जामाडोबा, जोडा और कलमांग की 620 महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपना नेतृत्व प्रशिक्षण पूरा किया है. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा दास साहू उपस्थित थीं. साथ ही, टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के निदेशक डीबी सुन्दर रामम और शैलजा सुन्दर रामम विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए. (नीचे भी पढ़े)
वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू किया गया दिशा टाटा स्टील फाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य वंचित समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें अपने स्थानीय समुदायों में सक्रिय नेता एवं परिवर्तनकर्ता के रूप में स्थापित करना है. सुव्यवस्थित नेतृत्व प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से यह पहल महिलाओं में आत्मविश्वास विकसित करती है, सामूहिक रूप से कार्य करने की क्षमता बढ़ाती है और सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक परिवर्तन को दिशा देती है. समारोह के दौरान दिशा नेतृत्व कर्ताओं के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया. इस अवसर पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के निदेशक डीबी सुन्दर रामम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को परिवर्तन की अगुवाई करते देखना हमारे लिए गर्व का विषय है. (नीचे भी पढ़े)
देशभर में कई ऐसे उदाहरण हैं जो यह साबित करते हैं कि मेहनत और दृढ़संकल्प ने महिलाओं की समर्पण भावना और समाज के उत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है. दिशा ने इस आंतरिक क्षमता को पहचानते हुए झारखंड और ओडिशा की महिलाओं को निरंतर उनके नेतृत्व सामर्थ्य को साकार करने में सक्षम बनाया है. हम अपने समुदायों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस परिवर्तन की यात्रा को हमारे साथ मिलकर आगे बढ़ाया है.” अब तक 5,500 से अधिक महिलाओं को नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 3,729 महिलाएं दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हो चुकी हैं. 6,000 महिलाओं को समुदाय में परिवर्तन के वाहक के रूप में तैयार करने के लक्ष्य के साथ दिशा निरंतर महिलाओं के नेतृत्व कौशल और जमीनी स्तर पर विकास में उनकी भागीदारी को सशक्त बना रही है. “प्रबुद्ध और समतामूलक समाज” थीम पर आयोजित इस दीक्षांत समारोह ने न केवल महिलाओं की नेतृत्व यात्रा की पूर्णता का जश्न मनाया, बल्कि एक अधिक समावेशी समाज के निर्माण के प्रति उनके समर्पण को भी सम्मानित किया. इस अवसर ने स्नातक हो रही महिलाओं को अपने प्रेरणादायक अनुभव, कहानियां और भविष्य की आकांक्षाएं साझा करने का मंच प्रदान किया, जो दिशा की पहचान – दृढ़ता और परिवर्तन की भावना – को बखूबी प्रतिबिंबित करता है. यह दीक्षांत समारोह सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास और सतत सामुदायिक प्रगति के माध्यम से एक समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में टाटा स्टील फाउंडेशन की निरंतर यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.



