जमशेदपुर : टाटा स्टील ने एक बार फिर से 18 ट्रांजेंडरों (किन्नरों) को कंपनी में नौकरी दी है. इसकी शुरुआत दिसंबर 2021 से तब की गयी थी, जब टाटा स्टील ने अपने वेस्ट बोकारो डिवीजन में सबकी बहाली शुरू की गयी थी और हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी ऑपरेटर के तौर पर बहाली की गयी थी. अब तक जमशेदपुर, कलिंगानगर और वेस्ट बोकारो मिलाकर कुल 97 ट्रांसजेंडरों की बहाली की गयी है. टाटा स्टील के शेयर्ड सर्विसेज डिवीजन में इस बार इनकी बहाली की गयी है. टाटा स्टील द्वारा गुरुवार को उनकी बहाली की गयी, जिसमें टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट एचआरएम अतरई सान्याल, वाइस प्रेसिडेंट शेयर्ड सर्विसेज प्रोबाल घोष, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. इस मौके पर वीपी एचआरएम अतरई सान्याल ने कहा कि टाटा स्टील वैश्विक तौर पर समेकित विकास और डाइवर्सिटी पर काम करती है और सभी का विकास के साथ काम करती है ताकि किसी तरह का लैंगिक विभेद या किसी तरह का कोई विभेद नहीं दिख सके. इस मौके पर टाटा स्टील के वीपी प्रोबाल घोष ने कहा कि इस तरह की पहल देश में मील का पत्थर साबित होगा. टाटा स्टील 2024 तक लैंगिक अनुपात को बेहतर करने का संकल्प लाना चाहती है, जिसकी दिशा में यह कदम है.



