जमशेदपुर : टाटा स्टील न्यू मैटेरियल बिजनेस (एनएमबी) को लेकर अलग से सब्सिडियरी कंपनी बनाने जा रही है. यह नये मैटेरियल बिजनेस पर काम करेगा. इसके तहत रेलवे कोच, मेडिकल मैटेरियल डिवाइस और ग्रेफाइन के प्रोडक्ट तैयार करेगी. यह जानकारी मीडिया से टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट न्यू मैटेरियल बिजनेस व टेक्नॉलॉजी देबाशीष भट्टाचार्जी ने दी है. इसके अलावा यह भी जानकारी दी है कि इस नये मैटेरियल बिजनेस में रेलवे कोच में काम में आने वाले उपकरणों को तैयार करने वाले मैटेरियल, मेडिकल मैटेरियल बनाने वाले सारे डिवाइस के मैटेरियल, सेरामिक्स के प्रोडक्ट भी बनायेगी. कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए इलेक्ट्रिकल वेहिकल, विमानन और यातायात के क्षेत्र के अलावा हाइपरलुट और मेट्रोल रेल में उपयोग में लाये जाने वाले सामानों को विकसित किया जायेगा. टाटा स्टील ने इसके लिए ज्वाइंट वेंचर डच (नीदरलैंड) कंपनी टीएबीबी इंटीरियर सिस्टम के साथ काम कर रही है. इसके लिए नया सेट अप पुणे में स्थापित किया जायेगा, जो सीधे तौर पर शत-प्रतिशत ऐसे उत्पाद बनायेगा, जो सीधे एक्सपोर्ट (निर्यात) होगा. पहले फेज में ही 700 से 800 करोड़ रुपये का बिजनेस इस नये पलांट से 2026 तक हने लगेगा. वर्ष 2030 तक दूसरे फेज के निवेश के बाद करीब 8 हजार करोड़ रुपये तक का मुनाफा कंपनी कमाने लगेगी. टाटा स्टील की न्यू मैटेरियल बिजनेस तीन क्षेत्रों में काम करेगी, जिसमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑयल, गैस, एविएशन, ऑटोमोटिव, हेल्थ केयर, मेडिकल डिवाइस सेक्टर, कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम कर रही है. इसके जरिये ऑर्गेनिक और अनआर्गेनिक ग्रोथ भी कंपनी करना चाहती है. कई तरह के नये स्टार्टअप कंपनियों को भी टाटा स्टील इस नये मैटेरियल बिजनेस में जोड़ने जा रही है. वर्तमान में टाटा स्टील नये मैटेरियल बिजनेस में करीब 1200 करोड़ रुपये का निवेश भी करने जा रही है.



