
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने अधिकारियों के प्रोमोशन और स्थानांतरण को लेकर अब नया नियम लगा दिया है. अब अधिकारियों को प्रोमोशन और स्थानांतरण के लिए सेफ्टी को लेकर इ-लर्निंग मॉड्यूल को पढ़ना होगा और परीक्षा पास करना होगा. इससे पहले सुरक्षा मानकों, नियमों और सेफ्टी की प्रक्रिया को समझने के लिए कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानक का ई-लर्निंग मॉड्यूल को संस्थागत रुप दिया गया था. सुरक्षा मानको, के नियम और प्रक्रियाओं के महत्व को समझने के लिए कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानक को लागू किया गया था. हालांकि, हाल के दिनों में कुछ गंभीर घटनाओं को देखते हुए, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गयी है और प्राप्त फीडबैक के आधार पर, स्थायी रोल पर बहाल अधिकारियों (ऑफिसरों) के साथ-साथ टाटा के साथ सीधे अनुबंध पर बहाल लोगों के लिए भी यह नियम लागू किया गया है. इसके तहत कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से, सभी अधिकारियों को सुरक्षा मानक ई-लर्निंग मॉड्यूल की तारीख से दो महीनों के भीतर अपनी वर्तमान स्थिति (जहां लागू हो) को सौंपे गए सभी सुरक्षा मानक ई-लर्निंग मॉड्यूल को पूरा करना और उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा. इस इ-लर्निंग मॉड्यूल को पास या क्वालिफाइ करना होगा. अधिकारियों के लिए जारी किये गये सरकुलर के मुताबिक, अगर कोई अधिकारी इस मॉडयूल को निश्चित समय अवधि दो माह में पूरा नहीं करता है तो उनको एक सलाह पत्र दिया जायेगा. अगर उस पर भी कोई कदम नहीं उठाया गया तो साल के अंत में होने वाले प्रदर्शन की रेटिंग पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा. टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल के हस्ताक्षर से जारी उपरोक्त आदेश में कहा गया है कि 1 जून 2022 से, अधिकारी पदोन्नति या स्थानांतरण के लिए आंतरिक भर्ती प्रक्रिया (आईआरपी) में आवेदन करने के लिए तभी पात्र होंगे, जब उन्होंने अपनी मौजूदा स्थिति को सौंपे गए सुरक्षा मानक ई-लर्निंग मॉड्यूल को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया हो और उन्हें पास कर लिया हो. दूसरे, अधिकारियों को आईआरपी में इस तरह के आवेदन की तारीख से एक सप्ताह के भीतर उक्त पदों के लिए सुरक्षा मानक ई-लर्निंग मॉड्यूल को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा. ऐसा न करने की स्थिति में उन्हें उक्त चयन प्रक्रिया के लिए अपात्र बना दिया जाएगा. टाटा स्टील में नये बहाल होने वाले अधिकारियों के लिए निर्देश दिया गया है कि सभी नए अधिकारियों को अपने पद पर सौंपे गए सुरक्षा ई-लर्निंग मॉड्यूल को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 3 महीने में अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा, ऐसा न करने पर उन्हें भी सलाह पत्र जारी किया जाएगा. यदि वे अभी भी अपनी यह ई-लर्निंग मॉड्यूल को पढ़ा नहीं या पास नहीं किया है तो उनकी परीक्षा पुष्टि नहीं की जाएगी, और उन्हें कंपनी के रोल पर नियुक्त नहीं किया जाएगा. प्रतिनियुक्ति पर मौजूद सभी अधिकारियों को मेजबान कंपनी में अपनी भूमिका और कार्य के लिए प्रासंगिक सुरक्षा मानक ई-लर्निंग मॉड्यूल को भी पूरा करना होगा. अगर कोई नया पद सृजित किया गया है, या तो स्थायी हो या अस्थायी, वहां भी नया सेफ्टी इ-लर्निंग मॉड्यूल को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एचआरबीपी के लोगों का होगा. अधिकारियों का पदस्थापन और फिर उनकी इ-लर्निंग मॉड्यूल के लिए सेफ्टी डिपार्टमेंट और एचआरबीपी विभिन्न विभागों की टीम नजर रखेगी. अगर इन निर्देशों में किसी तरह का जोड़-घटाव किया जायेगा तो इसको लेकर नये सिरे से सरकुलर जारी किया जायेगा.





