
जमशेदपुर : देश को ऑक्सीजन की जरूरत है. पूरा देश और कई राज्य इसको लेकर त्राहिमाम कर रहा है. इस बीच टाटा समूह और टाटा स्टील लगातार लोगों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन से देश को स्वावलंबी बनाने की कोशिशें तेज कर दी है. कोरोना में जान बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी ऑक्सीजन की होती है. इसके तहत लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाइ की जा रही है. इसके तहत भारत सरकार और झारखंड सरकार के साथ मिलकर लोगों की जान बचा रहा है. इसके तहत 500 से 600 टन प्रतिदिन ऑक्सीजन की सप्लाइ शुरू कर दी है. पहले टाटा स्टील 300 टन प्रतिदिन की सप्लाइ करती थी, लेकिन अब इसको दोगुना कर दिया गया है औअब हर दिन 500 से 600 टन प्रतिदिन ऑक्सीजन की सप्लाइ शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत सोमवार से ही की गयी. टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट, जमशेदपुर प्लांट और अंगुल प्लांट से लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाइ हो रहा है. भारत सरकार की ओर से बनायी गयी कमेटी ने सारे स्टील प्लांट को इसका प्रोडक्शन तेज करने को कहा गया है, जिसके तहत इसको और तेज कर दिया गया है. इसका प्रोडक्शन दोगुना कर दिया गया है. टाटा स्टील की प्रवक्ता (हेड, कारपोरेट अफेयर्स) रूना राजीव कुमार ने बताया कि लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाइ देश के विभिन्न राज्यों झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश के अस्पतालों में किया जा रहा है. इसके अलावा जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच), एमजीएम अस्पताल, टिनप्लेट अस्पताल, टाटा मोटर्स अस्पताल और ब्रह्मानंद अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाइ की जा रही है. ट्रेलर और कंटेनर के जरिये इसको भेजा जा रहा है. इसके ट्रांस्पोर्टेशन की समस्या का निराकरण शुरू कर दिया गया है.
इधर, टाटा समूह भी ऑक्सीजन की सप्लाइ भी देश में लगा है. इसके तहत टाटा समूह ने चार क्रायोजेनिक कंटेनर को सोमवार को देश में मंगाया है. लिंडे इंडिया के माध्यम से इसको हवाई जहाज के माध्यम से मंगाया गया है. इससे सप्लाइ आराम हो जायेगा. दरअसल, यह कंटेनर काफी बड़ा होता है और काफी बेहतर है, जिससे आसानी से लोग अपना सिलेंडर को भी भर सकेंगे या कहीं भी दिया जा सकेगा.





