जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का लंबित पेट्रोल एलाउंस का समझौता शुक्रवार को हो गया. टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह के बीच इस समझौता पर हस्ताक्षर किया गया. डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह टीएमएच में भर्ती है, जिस कारण वे हस्ताक्षर नहीं कर पाये. वे टीएमएच से ही अपना हस्ताक्षर करके दस्तावेज भेज दिये. इस दौरान एचआरएम के अधिकारी जुबिन पालिया भी मौजूद थे. यह समझौता 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027 तक के लिए लागू किया गया है. पांच साल के लिए यह समझौता लागू होगा. अप्रैल से लेकर जून 2022 तक का एरियर कर्मचारियों को पेट्रोल एलाउंस के मद में मिलेगा. जुलाई माह के वेतन के साथ बढ़ा हुआ एलाउंस और पेट्रोल एलाउंस का एरियर की राशि भी मिल जायेगा. समझौता को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2009 के बाद यानी करीब 13 साल के बाद इतना ज्यादा राशि पेट्रोल एलाउंस के मद में बढ़ा है. सबसे अच्छी बात इस समझौता की यह रही कि पुराने सीरीज के ग्रेड के कर्मचारियों और नये सीरीज के ग्रेड के कर्मचारियों का पेट्रोल एलाउंस में बराबर कर दिया गया है, लेकिन अगर बढ़ोत्तरी की बात की जाये तो नये सीरीज के कर्मचारियों को इस समझौता से सबसे ज्यादा लाभ हुआ है और उनके पेट्रोल एलाउंस में ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है. पेट्रोल एलाउंस का समझौता को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नये समझौता के तहत कार के पेट्रोल एलाउंस में पुराने सीरीज के कर्मचारियों के लिए 500 रुपये जबकि नये सीरीज के कर्मचारियों के पेट्रोल एलाउंस में 550 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. वहीं, दोपहिया वाहनों की बात की जाये तो दो पहिया वाहनों के लिए मिलने वाले पेट्रोल एलाउंस में सुपरवाइजर और कर्मचारियों दोनों के लिए पुराने सीरीज के कर्मचारियों के लिए 425 रुपये और नये सीरीज के कर्मचारियों के लिए 475 रुपये की बढ़ोत्तरी की गयी है. वैसे वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक अब तक तीन बार पेट्रोल एलाउंस का समझौता हुआ है, जिसमें अब तक 300 रुपये और 350 रुपये की ही बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन करीब 13 साल बाद संजीव चौधरी टुन्नु और सतीश सिंह की जोड़ी ने 500 रुपये लेकर 550 रुपये कार में जबकि 425 रुपये से लेकर 475 रुपये की बढ़ोत्तरी दोपहिया वाहनों में किया गया है. (नीचे पढ़े समझौता का पूरा बिंदू)
एक नजर में जानें पूरा समझौता :
एस, वी, डी और के सीरीज के कर्मचारियों का यह होगा रेट, जिसमें सीनियर एसोसिएट, एसोसिएट और जूनियर एसोसिएट शामिल है
आइटम बदलाव का रेट का—-वर्तमान रेट——————–1 अप्रैल 2022 से यह रेट होगा
साइकिल एलाउंस———28 रुपये प्रतिदिन (420 रुपये प्रतिमाह)–36 रुपये प्रतिदिन (540 रुपये प्रतिदिन)
दोपहिया वाहनों का वर्कर ग्रेड—1500 रुपये प्रतिमाह————1925 रुपये प्रतिमाह
दोपहिया वाहनों का सुपरवाइजर ग्रेड-1550 रुपये प्रतिमाह———1975 रुपये प्रतिमाह
कार एलाउंस वर्कर ग्रेड–———-2020 रुपये प्रतिमाह———-2250 रुपये प्रतिमाह
कार एलाउंस सुपरवाइजर ग्रेड——–2250 रुपये प्रतिमाह——–2750 रुपये प्रतिमाह
सर्विस हैंड, फार्मा हैंड व एनएस ग्रेड का यह होगा एलाउंस
आइटम बदलाव का रेट का—-वर्तमान रेट—-1 अप्रैल 2022 से यह रेट होगा
ट्रांसपोर्ट सब्सिडी–28 रुपये प्रतिदिन यानी 420 रुपये प्रतिमाह—-36 रुपये प्रतिदिन यानी 540 रुपये प्रतिमाह
दोपहिया वाहनों के लिए सर्विस हैंड, फार्मा हैंड, एनएस ग्रेड (एनएस 1 से एनएस 6)———————————–1450 रुपये प्रतिमाह——————-1925 रुपये प्रतिमाह
दोपहिया वाहनों के लिए एनएस ग्रेड (एनएस 7 से एनएस 12)——————————————————-1500 रुपये प्रतिमाह——————-1975 रुपये प्रतिमाह
कार एलाउंस सर्विस हैंड, फार्मा हैंड, एनएस ग्रेड (एनएस 1 से एनएस 6)———————————————-2000 रुपये प्रतिमाह——————–2250 रुपये प्रतिमाह
कार एलाउंस एनएस ग्रेड के (एनएस 7 से एनएस 12 तक)————————————————————2200 रुपये प्रतिमाह—2750 रुपये प्रतिमाह (नीचे पढ़े समझौता का पूरा बिंदू)

2017 में जो समझौता हुआ था, उसके बाद 2022 तक इतनी थी राशि, 13 साल में इतनी राशि पेट्रोल एलाउंस में नहीं बढ़ी
पिछले बार वर्ष 2017 में पांच वर्ष के लिए पेट्रोल एलाउंस का समझौता हुआ था. कंपनी के 14 हजार कर्मचारियों का उस वक्त पेट्रोल भत्ता बाइक के लिए 300 रुपये और कार के लिए 350 रुपये बढ़ा था. पिछले बार एरियर की राशि का भी भुगतान किया गया था क्योंकि देर से एलाउंस का समझौता लागू हुआ था. कर्मचारियों को बाइक का भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह जबकि कार का 2050 रुपये प्रतिमाह अभी मिल रहा है. सुपरवाइजरों को 1550 रुपये बाइक का जबकि कार का भत्ता 2250 रुपये मिल रहा है. एनएस 1 से एनएस 6 ग्रेड और टी या पी सीरीज का 1450 रुपये प्रतिमाह बाइक और 2000 रुपये कार का भत्ता मिला था. एनएस 7 ग्रेड से एनएस 12 ग्रेड में 1500 रुपये बाइक का और 2200 रुपये का कार भत्ता मिल रहा है. 2009 के बाद से लेकर अब तक तीन बार ऐसा पेट्रोल एलाउंस का समझौता हुआ है. लेकिन हर बार 300 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की ही बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन इस बार ऐतिहासिक 500 रुपये से लेकर 550 रुपये कार में जबकि दोपहिया वाहनों के मद में 425 से लेकर 475 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. पिछली बार भी 5 साल के लिए समझौता हुआ था यानी 2017 से लेकर 2022 तक का हुआ था समझौता, जिसको बरकरार रखते हुए 2022 से 2027 तक के लिए यह समझौता लागू किया गया है. यूनियन के टॉप लीडर ने साल को भी बनाये रखने में कामयाबी हासिल की है.
पुराने और नये सीरीज के पेट्रोल एलाउंस में फर्क क्यों, इस तर्क के आगे झुका मैनेजमेंट
पेट्रोल एलाउंस को लेकर कई दौर की वार्ता हुई. टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल से लेकर हर स्तर पर वार्ता हुई. इस जिद में कंपनी प्रबंधन थी कि हर बार की तरह इस बार भी 300 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की बढ़ोत्तरी पेट्रोल एलाउंस में कर लें, लेकिन यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह की जोड़ी इस पर अडिग रही. उनके साथ डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह भी लगे रहे. इस दौरान साफ तौर पर कहा गया कि वे लोग 13 साल से एक ही बढ़ोत्तरी ले रहे है जबकि महंगाई इतना ज्यादा हो चुका है कि मत पूछिये. मैनेजमेंट का तर्क था कि डीए में पेट्रोल का रेट भी जुड़ा होता है, लेकिन इसको भी यूनियन के टॉप लीडरों ने काटा. इसके बाद बात हुई कि 500 रुपये की बढ़ोत्तरी तो की जायेगी, लेकिन ओल्ड और न्यू सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों में फर्क हर बार की तरह इस बार भी रहेगा, लेकिन टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष और महामंत्री ने तर्क दिया कि ऐसा तो है नहीं कि नये सीरीज वालों का कम तेल जलता है और पुराने वालों का ज्यादा, ऐसे में सबको सामान किया जाये. इस तर्क के आगे मैनेजमेंट नतमस्तक हो गयी और फिर सबका सामान पेट्रोल एलाउंस तय कर दिया गया.
कर्मचारियों में खुशी की लहर, एनएस ग्रेड बमबम
टाटा स्टील के पेट्रोल एलाउंस का समझौता होने से कर्मचारियों में भारी खुशी देखी जा रही है. पुराने ग्रेड के कर्मचारी काफी खुश नजर आ रहे है. हो भी क्यों नहीं 13 सालों के बाद इतनी बढ़ोत्तरी जो हुई है. वहीं, न्यू सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों के लिए दोहरी खुशी है क्योंकि पेट्रोल एलाउंस में उनकी राशि अब पुराने सीरीज के सामान हो गयी है, जो उनका डिमांड भी था. आपको बता दें कि एनएस ग्रेड और पुराने ग्रेड के कर्मचारियों के वेतनमान में काफी अंतर है. पहले पेट्रोल एलाउंस में भी अंतर था, लेकिन अब सबको सामान कर दिया गया है.
नया पेट्रोल एलाउंस समझौता एक नजर में :
कार एलाउंस सुपरवाइजर ग्रेड-पुराने सीरीज के कर्मचारियों को पहले 2250 रुपये और नये सीरीज के कर्मचारियों को 2200 रुपये प्रतिमाह मिलता था, लेकिन अब पुराने और नये सीरीज को एक साथ 2750 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल एलाउंस मिलेगा. इससे पुराने ग्रेड के कर्मचारियों के एलाउंस में 500 रुपये प्रतिमाह जबकि नये सीरीज के कर्मचारियों को 550 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी हुई है.
कार एलाउंस वर्कर ग्रेड-वर्कर ग्रेड के पुराने सीरीज के कर्मचारियों को 2050 रुपये मिलता था जबकि नये सीरीज के कर्मचारियों को 2000 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल एलाउंस मिलता था, लेकिन अब दोनों ही ओल्ड और न्यू सीरीज को एक जैसा 2550 रुपये प्रतिमाह एलाउंस मिलेगा. ऐसे में इस मद में भी पुराने सीरीज के कर्मचारियों को 500 रुपये प्रतिमाह जबकि नये सीरीज के कर्मचारियों को 550 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल एलाउंस में बढ़ोत्तरी हुई है.
दोपहिया वाहनों का सुपरवाइजर ग्रेड-पुराने सीरीज के कर्मचारियों को पहले 1550 रुपये और नये सीरीज के कर्मचारियों को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलता था, लेकिन अब दोनों ही ग्रेड के सुपरवाइजर ग्रेड के कर्मचारियों को 1975 रुपये प्रतिमाह दोपहिया वाहन के लिए पेट्रोल एलाउंस मिलेगा. ऐसे में नये सीरीज के कर्मचारियों के पेट्रोल एलाउंस में 475 रुपये जबकि पुराने सीरीज के कर्मचारियों के पेट्रोल एलाउं में 475 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है.
दोपहिया वाहनों का वर्कर ग्रेड-पुराने सीरीज के कर्मचारियों को इस ग्रेड में प्रतिमाह 1500 रुपये पेट्रोल एलाउंस दोपहिया वाहनों के लिए मिलता था, जबकि नये सीरीज के कर्मचारियों का पेट्रोल एलाउंस दोपहिया वाहनों का 1450 रुपये मिलता था, लेकिन अब दोनों ही ग्रेड को सामान तौर पर 1925 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल एलाउंस मिल जायेगा. ऐसे में पुराने सीरीज के कर्मचारियों के पेट्रोल एलाउंस में 425 रुपये और नये सीरीज के कर्मचारियों के लिए पेट्रोल एलाउंस में 475 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है.
टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री में डिप्टी प्रेसिडेंट नहीं कर सके समझौता पर हस्ताक्षर, पदाधिकारियों और कमेटी मेंबरों को दी गयी जानकारी
टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री में अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह ने ही समझौता पर हस्ताक्षर किया. डिप्टी प्रेसिडेंट बीमार है और उनका इलाज टीएमएच में चल रहा है. इस कारण वे इस समझौता पर हस्ताक्षर नहीं कर पाये. इस समझौता के संपन्न होने के बाद अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह टाटा वर्कर्स यूनियन पहुंचे और सारे ऑफिस बियररों के साथ मीटिंग कर इसकी जानकारी दी. इसके बाद सारे कमेटी मेंबरों को समझौता की कॉपी को साझा किया गया.






