
जमशेदपुर : टाटा स्टील के मैट्रिक पास कर्मचारी पुत्र-पुत्रियों की बहाली को लेकर दूसरे के नाम पर परीक्षा दिलाने का भंडाफोड़ में टाटा स्टील के दो कर्मचारियों का नाम भी सामने आया है. इन लोगों ने यह भी जानकारी दी है कि वे लोग पहले भी इस तरह की परीक्षा देते रहे है. लेकिन अभी टाटा स्टील की परीक्षा में पकड़े गये है. टाटा स्टील की ओर से अब तक पकड़े गये कर्मचारी पुत्र के नाम पर फर्जी लोगों से परीक्षा दिलाने के नाम पर पुलिस ने सारे लोगों को जेल भेज दिया है. लेकिन अब कंपनी की ओर से भी आंतरिक जांच शुरू कर दी गयी है. टाटा स्टील की ओर से फर्जी तौर पर परीक्षा दिलाने के मामले में 8 कर्मचारियों के बच्चों के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया गया है. हालांकि, मैनेजमेंट की ओर से अब तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. इसमें दो ऐसे कर्मचारी भी शामिल है, जो लोग इस मामले के आरोपियों को होटलों में ठहराया था. (नीचे देखे पूरी खबर)

ऐसे हुआ कांड का उदभेदन, आरोपियों को मिले थे 7 हजार रुपये
टाटा स्टील को लेकर हुए परीक्षा का उदभेदन तब हुआ, जब टाटा स्टील के सिक्यूरिटी मैनेजर विनित कुमार सिंह ने पहली बार जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित जुस्को स्कूल साउथ पार्क में जांच शुरू की तो वहां एक र्यक्ति को पाया कि उसका चेहरा परीक्षार्थी के चेहरे से भिन्न है. कदमा बीएच एपरिया रोड नंबर 2 एल 5/14 निवासी मोहम्मद तारीख जिया के नाम पर एक युवक परीक्षा देने जा रहा था. शक होने पर जब उससे पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि वह मोहम्मद इंतखान है, जो मोहल्ला ठाकुरद्वारा, कसबा न्यू एरयिा, हुसैनपुर पिलीभीत ुत्तर प्रदेश का रहने वाला है. मोहम्मद इंतखाब द्वारा बताया गया कि वह मोहम्मद तारीख जिया से पैसे लेकर उसके बदले परीक्षा देने आया है. उसके पास से मोहम्मद तारीख जिया का कोविड वेक्सीन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और मोहम्मद इंतखान का आधार कार्ड भी जब्त किया गया. इसके बाद पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि उसके दो और साथी ग़ंदर में परीक्षा दे रहा है. इसके बाद परीक्षार्थियों को खोजना सिक्यूरिटी ने शुरू किया. केंद्र में दो परीक्षार्थी को संदेह के आधार पर पकड़ा. तौसीफ अहमद पिलीभीत उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला है, जो कदमा जीपी स्लोप एरिया न्यू रानीकूदर निवासी मोहम्मद अरशद जमाल के बदले रुपये लेकर परीक्षा देने आया था. इसके बाद पिलिभीत उत्र प्रदेश के रहने वाले फैजल खान को पकड़ा गया, जो मानगो आजादनगर के रहने वाले मोहम्मद असराफुल हक के बदले परीक्षा देने आया था. इन तीनों से जब पूछताछ की गयी तो उसने कई खुलासा किया और बताया कि बिष्टुपुर केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज और साकची राजेंद्र विद्यालय में भी ऐसे परीक्षा दिलाये जा रहे है. इसके बाद जांनच करायी गयी तो उत्तर प्रदेश के पिलीभीत के हुसैनपुर निवासी हसीब अहमद को केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज से गिरफ्तार िकया गया. वह धातकीडीह निवासी अजहर अली अंसारी पिता रौनक अली के बदले परीक्षा देने आया था. इसके बाद जुगसलाई न्यू वाहिद लेथ गली निवासी मोहम्मद रियाजुद्दीन, पिता मोहम्मद मोइनुद्दीन के बदले परीक्षा दे रहे पिलीभीत के रहने वाले रुहुल अमीन को गिरफ्तार किया, जिनको परीक्षा देने के लिए वहां से लाया गया था. इसके बाद सारे परीक्षा केंद्रों की जांच शुरू की गयी. साकची के राजेंद्र विद्यालय परीक्षा केंद्र से पुलिस की मदद से बिहार के नालंदा नुरसराय के रहने वाले अभिषेक कुमार को गिरप्तार किया गया, जो कदमा उलियान धनंजय पथ निवासी वी नारायण राव के पुत्र विरुधी असोक कुमार के बदले परीक्षा दे रहा था. इसके बाद वहीं से बागबेड़ा हनुमान मंदिर निवासी योगेंद्र सिंह के बेटे विकास सिंह के नाम पर परीक्षा दे रहे बिहार शरीफ खांदकपुर निवासी मोनु कुमार को भी पकड़ा गया. इसके बाद बिष्टुपुर जेएच तारापुर स्कूल में भी जांच की गयी. जांच के दौरान पाया गया कि मोहम्मद अकील चूनाशाह कॉलोनी, मानगो आजादनगर गांधी मैदान के पास रहने वाले के बदले परीक्षा देने आये व्यक्ति को पकड़ा गया, लेकिन वह वहां से सबको चकमा देकर भाग निकला. जो लोग पकड़े गये, उन लोगों ने बताया कि इन लोगों को मोहम्मद सलमान और मोहम्मद जफर, जो उनके मोहल्ले का रहने वाला है, द्वारा पैसा का लालच देकर परीक्षा देने के लिए ट्रेन से भेजा है. इस काम में जमशेदपुर के बीएच एरिया कदमा निवासी टाटा स्टील कर्मचारी मोहम्मद असदुल्लाह और उसका भाई मोहम्मद मौसुफ आलम द्वारा धातकीडीह के बिहार लॉज में ठहराया गया और वास्तविक परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र भी उपरोक्त दोनों द्वारा उपलब्ध कराया गया. पकड़ाये अभिषेक कुमार से पूछताछ करने पर बताया कि इनसे परीक्षार्थी अशोक कुमार और उसका साथी संतोष कुमार ने संपर्क किया और उनको उसके बदले सात हजार रुपये पैसे देकर परीक्षा देने के लिए बोला. अशोक और संतोष ने उसको दो हजार रुपये दिये थे. इसी तरह पकड़े गये मोनू कुमार ने बताया कि नितीश कुमार, नामक लड़का, उनके साथ पढ़ता था, उन्हें बताया कि जमशेदपुर में विकास सिंह के नाम पर उनको परीक्षा देना है, इसकसे बदेल में सात हजार रुपये मिलेगा और एडवांस में उसको भी दो हजार रुपये दिये गये थे.






