जमशेदपुर : टाटा स्टील लिमिटेड ने टाटा स्टील स्पंज आयरन प्लांट, जोडा में अपना 8वां वार्षिक पर्यावरण सम्मेलन प्लस इंपैक्ट 2026 (एनवायरनमेंट मैनेजमेंट ऑन प्रोएक्टिव एक्शन) आयोजित किया. यह दो दिवसीय कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण उपायों को मजबूत करने, अनुपालन से आगे कदम बढ़ाते हुए प्रतिबद्धता की ओर बढ़ने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देकर टाटा स्टील के विभिन्न परिचालनों में पर्यावरणीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में टाटा स्टील के देशभर के विभिन्न स्थानों से पर्यावरण विशेषज्ञों, प्लांट ऑपरेशन टीमों और तकनीकी समाधान प्रदाताओं ने भाग लिया. चर्चाओं का मुख्य केंद्र वायु और जल गुणवत्ता में सुधार, औद्योगिक उत्सर्जन के प्रभावी प्रबंधन तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले समाधानों पर रहा. (नीचे भी पढ़ें)
इस कार्यक्रम में टाटा स्टील के सेफ्टी, हेल्थ एवं सस्टेनेबिलिटी के वाइस प्रेसिडेंट राजीव मंगल सहित ऑपरेशन और रॉ मटेरियल विभाग के वरिष्ठ नेतृत्व भी उपस्थित रहे. प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राजीव मंगल ने सतत विकास और जिम्मेदार औद्योगिक विकास के प्रति टाटा स्टील की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है और इसे दैनिक संचालन, निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा दीर्घकालिक योजना में समाहित किया जाना आवश्यक है. प्लस इंपैक्ट 2026 का एक प्रमुख विषय संगठनात्मक संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करना था, जो पर्यावरणीय प्रदर्शन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है. प्रतिभागियों ने चर्चा की कि टाटा स्टील का 4सी कल्चर कोड चेंज, कनेक्ट, कंट्रीब्यूट और केयर किस प्रकार सजग पर्यावरण प्रबंधन को समर्थन देता है. चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि नई तकनीकों को अपनाते हुए बदलाव के लिए तैयार रहना, टीमों और विभिन्न स्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सीख को साझा करना, पर्यावरण सुधार में सक्रिय योगदान देना, तथा प्राकृतिक संसाधनों और आसपास के समुदायों के प्रति संवेदनशील रहना अत्यंत आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
सम्मेलन के दूसरे दिन का फोकस तकनीक आधारित पर्यावरणीय समाधानों पर रहा. प्रमुख तकनीकी प्रदाताओं ने निम्न क्षेत्रों से जुड़े उन्नत सिस्टम प्रस्तुत किए, जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण और उत्सर्जन में कमी, जल उपयोग और जल गुणवत्ता की डिजिटल मॉनिटरिंग, धूल और धुआं निष्कर्षण प्रणाली, पर्यावरण निगरानी के लिए ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शामिल है. इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि आधुनिक तकनीकें किस प्रकार प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बना सकती हैं, परिचालन दक्षता बढ़ा सकती हैं और दीर्घकालिक पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी को समर्थन दे सकती हैं. विस्तृत चर्चाओं ने टाटा स्टील के विभिन्न संयंत्रों में इन समाधानों के उपयोग की संभावनाओं का आकलन करने में भी मदद की. सम्मेलन का समापन ऐसे ठोस और क्रियान्वयन योग्य उपायों की पहचान के साथ हुआ, जिन्हें प्लांट स्तर पर लागू कर पर्यावरणीय प्रदर्शन को और मजबूत किया जा सकता है. इन परिणामों से वायु और जल गुणवत्ता प्रबंधन में सुधार, पर्यावरणीय जोखिमों में कमी तथा स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित होने की अपेक्षा है. जोडा में प्लस इंपैक्ट 2026 का सफल आयोजन टाटा स्टील के पर्यावरण प्रबंधन में निरंतर नेतृत्व और सजग पहल, सतत सुधार तथा जिम्मेदार औद्योगिक विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.



