
जमशेदपुर : टीएसडीपीएल में बुधबार 14 जुलाई को सुबह नाश्ते में खराब फफूंदी लगा हुआ लड्डू का वितरण किया गया. लड्डू की गुणवत्ता खराब रहने के कारण कर्मचारियों ने विरोध जताया और उसे खाने से इंकार कर दिया. कर्मचारियों ने यूनियन नेताओं तक इस बात को पहुंचाया. यूनियन नेताओं ने भी डरते डरते प्रबंधन के पदाधिकारियों से बात की पर कुछ सामने नही आया. लड्डू प्रकरण में जा चुकी है यूनियन नेताओं की नौकरी सात वर्ष पूर्व लड्डू की खराब गुणवत्ता को लेकर यूनियन के नेताओं ने विरोध जताया था जिसमे दो नेताओं पर कार्रवाई हो गयी थी जिसके कारण अब कोई विरोध नही करना चाहता है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

टीएसडीपीएल में कर्मचारियों को कैंटीन सुविधा राम भरोसे है. खाना तो पिछले मार्च 2020 से ही बंद है. नाश्ता में क्या आएगा इसका कोई मेनू नही है। नाश्ता आने पर कर्मचारियों को पता चलता है कि क्या आया है. एक यूनियन नेता ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि कर्मचारियों के लिए जो नाश्ता आता है उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए कोई पैमाना नही है. कोई कमेटी या पदाधिकारी नही है जो देखता हो कि साईज क्या कैसा क्वालिटी का आया है. कैंटीन में जो चाय बनता है वह किसी ब्रान्डेड सुधा या मेघा या अमूल की जगह ऐसे पैकेट का बनता है जिसका नाम कोई जानता ही नही है.


