जमशेदपुर : टाटा स्टील में फिटमेंट स्लिप जारी होने के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष गहरा गया है. फिटमेंट के चलते कई कर्मचारियों की डेट ऑफ इंक्रीमेंट में 3 से लेकर 11 महीने तक की देरी होने का मामला अब यूनियन के भीतर तूल पकड़ चुका है. कोक प्लांट के कमेटी मेंबर आरसी झा ने यूनियन के सभी 11 पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समझौते की प्रक्रिया और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है. आरसी झा ने जोर देकर कहा कि मौजूदा स्थिति ने कर्मचारियों के मन में गहरा अविश्वास पैदा कर दिया है. यूनियन नेतृत्व को फिटमेंट और बंचिंग से प्रभावित कर्मचारियों के नुकसान की भरपाई और इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल ठोस पहल करनी चाहिए. ताकि कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को शांत किया जा सके. (नीचे भी पढ़े)
आरसी झा के अनुसार, लगभग 25 प्रतिशत कर्मचारी फिटमेंट के बाद इंक्रीमेंट डेट में बदलाव के कारण सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूनियन नेतृत्व को कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर इन प्रभावित कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त लाभ या क्षतिपूर्ति का प्रावधान कराना चाहिए था. जब इतनी बड़ी तादाद में कर्मचारियों को नुकसान हो रहा था, तब समझौते में उनके हितों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया. बंचिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया या वैधानिक प्रावधान नहीं था. इसके बावजूद वर्ष 2014 और 2019 के वेतन समझौतों में इसे शामिल किया गया. जो अब एक गलत परंपरा बन चुकी है. पदाधिकारियों को भली-भांति पता था कि इस बार इसका व्यापक असर पड़ेगा. फिर भी इस समझौते पर हस्ताक्षर करना नेतृत्व की मंशा पर सवाल खड़े करता है.




