
जमशेदपुर : भारत सरकार द्वारा हाल ही में स्पेशिलिटी स्टील में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) स्कीम को जारी किया है. केंद्रीय कैबिनेट ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत में स्पेशलिटी स्टील के उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए 6322 करोड़ रुपये की स्कीम को मंजूरी दी है. इसका मकसद है कि भारत में इस सेक्टर में 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश लाया जाये और 5.25 लाख की नयी नौकरियों को पैदा किया जा सके. पांच श्रेणी के स्टील उत्पादन को इस कैटेगोरी में शामिल किया गया है, जिसमें कोटेट या प्लेटेड स्टील प्रोडक्ट्स, हाइ स्ट्रेंथ या वीयर रसिसटेंट स्टील, स्पेशएलिटी रेल्स, एलॉय स्टील प्रोडक्ट्स, स्टील वायर्स और इलेक्ट्रिक स्टील शामिल है. स्पेशिलिटी स्टील वैल्यू एडेड स्टील है, जिसमें सामान्य फिनिश्ड स्टील पर कोटिंग, प्लेटिंग, हीट ट्रीटमेंट आदि के जरिये काम किया जायेगा. इसे हाई वैल्यू एडेड स्टील में बदला जाता है, जिसे अलग-अलग स्ट्रैटेजिक एप्लीकेशंस जैसे डिफेंस, स्पेस, पावर के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर, स्पेशलाइज्ड कैपिटल गुड्स आदि में इस्तेमाल किया जाता है. इसका लाभ सरकार की ओर से पांच साल के लिए देने की घोषणा की गयी है, जो वित्तीय वर्ष 2024-2025 से लेकर वित्तीय वर्ष 2028 से 2029 तक इसका लाभ दिया जायेगा. इसको देखते हुए टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने टाटा स्टील के अधिकारियों की टीम बना दी है. यह टीम लगातार स्टील मंत्रालय के गाइडलाइन का अनुपालन, उसका आवेदन देने और लगातार इसकी ऑडिटिंग करेंगे. यह कमेटी स्टील मंत्रालय के साथ एमओयू करेगा, सारे आवेदन की अहर्ता को पूरा करायेगा और फिर अगर किसी तरह का सुधार का जरूरत है तो उसको लेकर भी कदम उठाया जायेगा. भारत सरकार के इंसेंटिव का लाभ उठाने के लइए भी यह कमेटी काम करेगी. इसके लिए एपेक्स कमेटी वीपी फाइनांसियल ऑपरेशन व कारपोरेट प्लानिंग संजीव नंदा की देखरेख में बनाया गया है. इसमें टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट के एमडी आशीष अनुपम, वीपी टीक्यूएम अवनीश गुप्ता, वीपी सीएस चाणक्य चौधरी, चीफ पोर्टफोलियो मैनेजमेंट दिब्येंदू दत्ता, कंपनी सेक्रेटरी कांचीनाधम पार्वथीसम, वीपी मार्केटिंग व सेल्स राजीव सिंघल और टिनप्लेट के एमडी आरएन मूर्ति को सदस्य बनाया गया है. हेड रेगुलेटरी अफेयर्स ट्रेड व इकॉनॉमी कौस्तुभ ककटी को इसका संयोजक बनाया गया है. इसके अलावा 18 अधिकारियों की एक टीम भी बनायी गयी है, जो इसके दस्तावेजी कार्यों को पूरा करेगा.





