
रांची/जमशेदपुर : झारखंड के बच्चे भी यूक्रेन में फंसे है. वे लोग मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए थे, जहां फंसे है. इधर महगामा की विधायक दीपिका पांडे सिंह ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर अपने क्षेत्र के चार छात्रों समेत झारखंड की जनता को यूक्रेन से वापस लाने की अपील की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से बात की है और सबको बचाने की अपील की गई है. (नीचे देखे जमशेदपुर की लड़की कैसे फंसी)

जमशेदपुर की राशिका यूक्रेन में फंसी, घर से मात्र दो किलोमीटर पर ही हुआ धमाका
रूस ने यूक्रेन पर हमला कर जंग की शुरुआत कर दी है. इधर जंग शुरू होते ही यूक्रेन में आवाजाही बंद हो चुकी है. इस घटना से भारत के कई छात्र और कामगार यूक्रेन में ही फंस गए है. जमशेदपुर शहर के व्यापारी संजय कुमार खेमका की 24 वर्षीय बेटी रशिका खेमका भी उन्ही में से एक है. संजय साकची के न्यू बाराद्वारी में रहते है. जंग शुरू होने की बात सुन उनका पूरा परिवार डरा सहमा सा है. यूक्रेन के ओडिसा में मौजूद राशिका ने भारतीय समय के अनुसार सुबह 7.30 बजे अपने पिता संजय खेमका को फोन कर इलाके में हमला होने की जानकारी दी. पांच मिनट बात होने के बाद ही राशिका ने फोन काट दिया. हालांकि इसके बाद राशिका कई बार फोन कर स्थिति की जानकारी देती रही. राशिका यूक्रेन के ओडिसा स्थित ओडिसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी की फाइनल ईयर की छात्रा है. चार साल पहले ही उसने यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी.
सुबह बेटी ने फोन किया और पापा आई लव यू कहने लगी–संजय
संजय खेमका ने बताया कि आज सुबह 7.30 बजे वे घर पर सोए हुए थे. अचानक से फोन बजा, देखा तो बेटी ने फोन किया था. फोन उठाते ही बेटी ने पापा आई लव यू, आई लव यू कहने लगी. उन्हे कुछ समझ नहीं आया की बेटी ऐसा क्यों कह रही है. पूछने पर उसने बताया कि थोड़ी देर पहले ही उसके घर से थोड़ी दूरी पर धमाका हुआ है. पांच मिनट तक बात करने के बाद बेटी ने फोन काट दिया. सुबह 11 बजे उसने दोबारा से फोन कर बताया कि इलाके में एक और धमाका हुआ है जिससे उसके घर की दीवार में भी दरार आ गई है और इलाके में सारी दुकानें बंद हो गई है, सड़के सुनसान हो गई है. इसके बाद बेटी फोन कर स्थिति की जानकारी देती रही. संजय ने बताया कि उनकी बेटी के को एक मैप दिया गया है जिसमे बंकर को दिखाया गया है जो की उसके घर से 3 किमी की दूरी पर है. उसे बताया गया है कि तीन बार सायरन बजने पर मैप को फॉलो करते हुए बंकर की ओर जाना है. अब तक एक बार सायरन बज चुका है.
जनवरी में ही वापस गई राशिका
संजय ने बताया कि उनकी बेटी को प्रैक्टिकल क्लास करना था जो ज्यादा जरूरी था. 26 जनवरी को ही वह वापस यूक्रेन गई थी. उसके जाते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई. आज उसकी वापसी की फ्लाइट भी थी पर वह कैंसल कर दी गई. उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडिस्ट्रिस्ट को भी दी. चेंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मुनका ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है. वह भारत सरकार से अपील करते है कि उनकी बेटी को सही सलामत वापस लाया जाए.





