जमशेदपुर : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसजेडपी), जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया. इस कार्यक्रम में जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के बीएससी के विद्यार्थियों के साथ-साथ जू के कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का आयोजन गिद्धों के पारिस्थितिक महत्व और उनके संरक्षण की तत्काल आवश्यकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया. समारोह के तहत जू परिसर के अंदर और आसपास लगभग 2 किलोमीटर की जागरूकता रैली आयोजित की गई. रैली को रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर के पास से जू के निदेशक डॉ. नईम अख्तर, डॉ. एम. पालित, क्यूरेटर डॉ एसके महतो और बायोलॉजिस्ट- सह-एजुकेशन ऑफिसर डॉ. सीमा रानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. (नीचे भी पढे)

विद्यार्थियों और जू के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रैली में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने ऐसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया, जिनमें प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में गिद्धों की महत्वपूर्ण भूमिका और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में उनके योगदान को रेखांकित किया. प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. नईम अख्तर ने अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से अपनी क्षमता के अनुसार गिद्धों के संरक्षण में योगदान देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने और मृत पशुओं के शवों का प्रभावी ढंग से निपटान कर बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए गिद्धों का संरक्षण आवश्यक है. डॉ. एम. पालित ने भारत और कई अन्य देशों में गिद्धों की संख्या में आई भारी कमी के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इसका प्रमुख कारण पशु चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली दवा डाइक्लोफेनाक है, जिसे इन बेहद महत्वपूर्ण पक्षियों के लिए एक बड़ा खतरा माना गया है. कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा किए गए दो महीने के इंटर्नशिप कार्यक्रम के सफलतापूर्वक पूरा होने का भी जश्न मनाया गया. (नीचे भी पढे)

समापन सत्र के दौरान विद्यार्थियों को वन्यजीव, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि इस इंटर्नशिप से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ और वन्यजीव संरक्षण तथा जू प्रबंधन की उनकी समझ को व्यापक बनाने में मदद मिली. कई विद्यार्थियों ने जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने में अपनी रुचि व्यक्त की. उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान उन्हें सीखने के समृद्ध अवसर और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए जू प्रबंधन के प्रति आभार भी व्यक्त किया. कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए इंटर्न को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. प्रमाण-पत्र निदेशक डॉ. नईम अख्तर और क्यूरेटर डॉ एसके महतो ने प्रदान किए. कार्यक्रम का समन्वय बायोलॉजिस्ट-सह-एजुकेशन ऑफिसर डॉ. सीमा रानी ने किया. कार्यक्रम में बिंदुब्लाया दास तथा प्रताप, दिलीप, ललन सहित जू के कई कर्मचारी उपस्थित रहे. समारोह का समापन गिद्ध संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को और मजबूत करने तथा युवाओं को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा से जुड़ी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के नए संकल्प के साथ हुआ.




