
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के होने वाले चुनाव के बीच विपक्ष की एक महाबैठक बिष्टुपुर स्थित अध्यक्ष पद के दावेदार संजीव चौधरी टुन्नु के आवास पर हुई. इस बैठक के दौरान कद्दावर कमेटी मेंबर और मजदूर नेताओं ने शिरकत की. इस दौरान सभी ने सत्ता पक्ष के खिलाफ जोरदार तरीके से अपनी हुंकार भरी. इस मीटिंग के साथ ही सभा भी आयोजित की गयी, जिसमें सारे लोगों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया. सभा की अध्यक्षता टुनु चौधरी ने की. मंच का संचालन तारकेश्वर लाल द्वारा किया गया. उन्होंने कहा कि हम लोग के इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भयमुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली डेवलप करना है, जिसमें सभी लोग अपना अपना कार्य कुशलतापूर्वक कर पाए और सभी योग्य लोगों का क्षमता का प्रदर्शन हो पाए हमें ऐसा नेता चुनना है जो कर्मचारी सदस्यों के अधिकार की रक्षा करें यूनियन एवं कमेटी मेंबरों की गरिमा को बढ़ाएं. इस समूह का अभी पहला मुख्य उद्देश्य एक योग्य एवं निष्पक्ष रिटर्निंग ऑफिसर एवं छः सदस्यो को चुनना है जो कि ईमानदारीपूर्वक काम करते हुए उचित ढंग से संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को पूर्ण कराने की योग्यता रखता हो, एवं चुनाव छेत्र को बिगाड़ने के भय से मुक्ति दिलावे. बैठक सह सभा में सरोज कुमार सिंह, अब्दुल रफीक, राजू महतो, संजीव तिवारी, एस एन सिंह ऑटोमेशन, अजय चौधरी, अशोक गुप्ता, गोपाल लाल, हीरा प्रसाद यादव, विनोद कुमार ठाकुर, शमशेर आलम, आर के सिंह पॉवर, संजय कुमार सिंह ए टू एफ फर्नेस, सूर्यकांत शर्मा आरएमएम, आकाश चंद्रा, नवीन रंजन, विनोद साफी, शैलेन्द्र कुमार, प्रदीप दुबे, रघुनंदन, मनोज कुमार, बालाजी भगत, महेश कुमार झा, गिरीश कुमार राव, कुंदन कुमार, अजय कुमार मिश्रा, अजय कुमार ठाकुर, आमोद कुमार दुबे, अप्पू कुमार, आशीष कुमार सिंह, अजय कुमार चुन्नी, श्याम बाबु, अभिनंदन, विकास कुमार दास, आर आर सिंह, दिनेश कुमार, जय प्रकाश चौधरी, जय प्रकाश सिंह, जोगिंदर सिंह जोगी, के के गोप, लक्ष्मण सिंह, एमएससी शिवा, मंजीत सिंह, मनोज कुमार मिश्रा एसएमडी, मनोज मिश्रा ट्यूब्स, मोहम्मद वसीम, मोहन सिंह, निलेश कुमार, ओपी सिंह, पी एल एस राव, प्रदीप कुमार पाठक, प्रदीप कुमार एसएमडी, प्रज्ञानंद कुमार, प्रवीण धीरज खालको, प्रवीण कुमार चौधरी, रघुनंदन, राजकुमार, राजेश कुमार, राकेश कुमार सिंह मेडिकल, राकेश कुमार सिंह एचएसएम, रामकृष्ण मिश्रा, एस एन शर्मा, समरेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह आरएमएम, संजय कुमार सिंह एनबीएम, संजय कुमार सिंह पिलेट प्लांट, संतोष कुमार मोहंती, संजीव पांडा, संतोष कुमार पांडे, संतोष कुमार सिंह सेफ्टी, सतीश कुमार सिन्हा उर्फ भोला सिंह, शशांक मंजर, शेषनाथ सिंह, शिव शंकर सिंह, सुबोध कुमार श्रीवास्तव, सुनील कुमार, तरुण कुमार, धनंजय ट्यूब्स, विजय कुमार चौधरी, विक्रम कुमार सिंह, समेत लगभग 130 कमेटी मेम्बर शमिल हुए.
बैठक में जानिये किसने क्या कहा :
मंजीत सिंह, सिंटर प्लांट – यूनियन ने 100 सालों में अपनी ऐतिहासिक गरिमा खोई है। यहां मुँह देखकर काम होता है और मुखरता को प्रताड़ित किया जाता रहा। यह परिपाटी बंद होनी चाहिए, इसलिए बदलाव जरूरी है.
सरोज कुमार सिंह, ट्यूब्स – संविधानतः सर्वशक्तिशाली निर्वाचित कमेटी मेम्बरों के सदन का, वर्तमान सत्र के यूनियन नेतृत्वकर्ताओं ने, किसी भी समझौते पर अस्तित्व को ही नकारा है। उन समझौतो पर बहस तो दूर की बात सिर्फ़ उसके हो जाने की सूचना ही प्रदान की गई। वस्तुतः वे भुल गए कि उनका अस्तित्व हमसे ही है ना कि उनके बदौलत हम.
अमोद कुमार दुबे – एलडी2 – आर ओ और चुनाव समिति के चुनाव में एकजुटता का परिचय देते हुए टीम को मजबूती प्रदान करें और परजीवी बेताल पदाधिकारी जो गलत का साथ देते हैं को यूनियन से बाहर करने की मुहिम में बहुमूल्य योगदान करें.
श्याम बाबू एलडी 3 – वेज रिवीजन में अपनी बात से मुकरकर एनएस कमेटी मेम्बरों को ठगा गया। डिप्लोमाधारी कर्मियों के मान्यता में फेरबदल करके नुकसान करवाया। सही और क़ाबिल व्यक्तियों का नेतृत्व में चुनाव किया जाए, जिससे यूनियन की गरिमा पुनः स्थापित हो.
एमएससी शिवा, एचएसएम – जो पदाधिकारी यूनियन में अपने कमरे में बैठते नहीं, क्लब हाउस में कमाई के लिए सटे रहते हैं वैसे लोगों को यूनियन से बाहर करना ही होगा.
आकाश चन्द्रा, एचएसएम – नेतृत्व पारदर्शी और ईमानदार होनी चाहिए। कमेटी मेम्बर को संविधान सम्मत अधिकार देना ही होगा तभी गरिमा वापस लौटेगी जिससे सहकर्मी निर्भीक होकर यूनियन में आ सकें.
समरेश सिंह पिलेट प्लांट – आज रवि प्रसाद जी के दो सत्रीय कार्यकाल में एक भी कर्मचारी की बर्खास्तगी वापस नहीं करा सका यूनियन अपने उद्देश्य से भटक गया है। लीव बैंक से लेकर वेज रिवीजन तक तमाम कमेटी मेम्बरों से लेकर कर्मचारियों को भरोसे में न लेकर उनके सिर्फ़ ठगी की गई है.
अब्दुल रफीक, एलडी2 – यूनियन में आज का भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो चुकी है। इसके ख़िलाफ़ अभियान चलाना होगा। एलडी २ में तीन पदाधिकारी, उसमें से एक प्रेसिडेंट और आरओ होने में तीन साल हास्यास्पद है.
विकास दास एलडी३- पीछले चुनाव मे एनएस को किए वादे में अबतक धोखाधड़ी ही हुआ। आज ये यूनियन चंद लोगों के पॉकेट में है, उसको बचाना सबका दायित्व है.
प्रवीण धीरज खालको, लाइम प्लांट – आज यूनियन ब्रोकर के चंगुल में फंसा हुआ है। नेतृत्वकर्ता आलोचना को बर्दाश्त भी नहीं कर पा रहे हैं. कमेटी मेम्बरों का सम्मान बहुत घट चुका है.
अशोक गुप्ता सीआरएम – पिछले प्रेसिडेंट लोगों की तुलना में वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल और व्यक्तित्व बहुत कम प्रभावी है। हमें चुनाव समिति में अच्छे लोगों को चुनना होगा तभी यह तस्वीर बदलेगी.
हरिशंकर सिंह, उपाध्यक्ष – वर्तमान कमेटी में जब से मै विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में अकेला चुन कर आया तत्पश्चात मैंने ऑफिस बेयरर मीटिंग्स में बहुत कुछ को बदलने का प्रयास किया जिसके परिणाम स्वरूप सभी लामबंद ऑफिस बेयररो ने मुझे अलग-थलग करने का प्रयास किया और मीटिंग का स्थल वीआईपी रूम से शिफ्ट होकर कैंसर रेस्ट हाउस तक चला गया और संवैधानिक तरीके से और प्रजातांत्रिक तरीके से हर अहम फैसले के पहले होने वाला ऑफिस बेयररस की मीटिंग को बंद कर दिया गया और उसे टाटा वर्कर्स यूनियन से शिफ्ट करके कैंसर रेस्ट हाउस ले जाया गया वहां जो भी निर्णय लिए गए उसका परिणाम आप सबके सामने हैं वर्तमान ऑफिस बेयरर की मीटिंग की आवश्यकता मेडिकल एक्सटेंशन बंद करने के लिए किए जाने वाले ढकोसला के समय एवं सीएसआर के नाम पर ₹50 लाख खर्च करने पर ही दिखाई दिया उसको छोड़ कर के किसी भी मुद्दे पर सभी ऑफिस बेयर्र्स को एक जगह बैठा करके गहन मंथन करने के बजाय कैंसर रेस्ट हाउस में बैठक आयोजित करके निर्णय लिया जाता रहा जिसके परिणाम स्वरूप मेडिकल एक्सटेंशन बंद होना ग्रेड रिवीजन का जो प्रारूप है वह आपके सामने हैं .
सतीश कुमार सिंह, महासचिव – यूनियन की मज़बूती के लिए एक स्वच्छ, निष्पक्ष और पारदर्शी टीम हमलोग देंगे। यूनियन में अपने हर साथी के लिए चौबीस घंटे खड़ा हूँ। कभी भी कोई भी मुझसे संपर्क करके मुझसे चुनाव में पर्याप्त सहयोग ले सकते है और जो मेरे साथी हैं वे मेरे इस स्वभाव से भलीभांति परिचित हैं। मैं हमेशा मज़दूर हित में बेबाक़ी से तत्पर रहा और इसी का परिणाम है कि टॉप 3 में रहकर भी मतलबी लोगों के आँख का किरकिरी रहा, लेकिन मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। अगर किसी के मन में पाप न हो और अगर हो हिम्मत तो वर्तमान सीटों पर ही जस का तस रखकर चुनाव करवा लीजिए मैं वादा करता हूँ कि चुनाव समिति का चुनाव कराने की नौबत तक नहीं आने दूँगा। अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूँ.
संजीव कुमार चौधरी उर्फ़ टुन्नु – मैं आप सब को यह विश्वास दिलाता हूं कि मेरे नेतृत्व में कमेटी मेंबर का चुनाव करने वाले कर्मचारियों से लेकर पदाधिकारियों का चुनाव करने वाले कमेटी मेंबर और यूनियन से संबंधित सभी लोगों का मान सम्मान, संविधान के तहत काम करने की पूर्ण आजादी और किसी भी मुद्दे पर उनके विचारों का उनकी भावनाओं का मान रखा जाएगा और उनको यूनियन में विश्वास की पुनर्स्थापना की जाएगी। पूर्ण पारदर्शिता, मजदूर हित में सबों का साथ और विश्वास ही मेरा संकल्प है और इसे मैं बिना कोई विभेद के निभाने हेतु संकल्पित हूं.




