
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के संजीव चौधरी टुन्नु ने अध्यक्ष पद को संभाल लिया है. संजीव चौधरी टुन्नु अध्यक्ष पद पर जीतने के बाद यूनियन में अपने पूर्वज नेताओं के आगे शीष झुकाया. उनको प्रणाम किया और फिर यूनियन में सारे लोगों से मिले. इस दौरान संजीव चौधरी टुन्नु ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में वे हार गये थे, लेकिन इसके बावजूद वे अपने साथी मजदूरों के साथ ही रहे. उनके हर मुद्दे को उठाया और मजदूर हितों में काम करते रहे. वे इस बार पूरी तैयारी में ही नजर आये और लगातार चुनाव जीतने के लिए लगातार मेहनत करते रहे और अंतत: उनकी जीत हुई.
संजीव चौधरी टुन्नु खुद आदित्यपुर के रहने वाले है. उनके पिता स्वर्गीय रामानुज चौधरी है. रामानुज चौधरी टाटा वर्कर्स यूनियन के सुपरवाइजरी यूनिट के उपाध्यक्ष रहे है और कंपनी में योगदान देने के बाद से ही यूनियन में सक्रिय रहे है. स्वर्गीय वीजी गोपाल के साथ उन्होंने ट्रेड यूनियन की थी. संजीव चौधरी टुन्नु बाद में टाटा स्टील में 1990 में ट्रेड अप्रेंटिस के जरिये आये. इसके बाद 1994 में स्थायी हुए और फिर वर्ष 2002 में पहली बार कमेटी मेंबर बने. कमेटी मेंबर के बाद आरबीबी सिंह के कार्यकाल में उनको काम सीखने का मौका मिला. वे 2006 में रघुनाथ पांडेय के अध्यक्षकाल में पहले सहायक सचिव रहे, फिर महामंत्री का चुनाव लड़े और हार गये थे. इसके बाद दो बार डिप्टी प्रेसिडेंट रहे और फिर पिछले बार हारे. हर बार वे कमेटी मेंबर जरूर जीतते रहे, सिर्फ पदाधिकारी का चुनाव हारते और जीतते रहे है. इसके बाद विपक्ष में रहे और अब फिर से अध्यक्ष बन चुके है. संजीव चौधरी टुन्नु के बड़े भाई स्वर्गीय पीके चौधरी टाटा पिगमेंट यूनियन के अध्यक्ष रह चुके है. इसके अलावा उनके एक अन्य भाई टाटा स्टील के फ्यूज मैनेजमेंट विभाग में है, जहां से वे भी कमेटी मेंबर का चुनाव जीत चुके है. उनकी पत्नी रेणुका चौधरी हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है और उनकी दो बेटियां भी है.

इसी तरह यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह भी लगातार तीसरी बार महामंत्री बनाये गये है. वे आर रवि प्रसाद के साथ दो बार से महामंत्री का चुनाव लड़ रहे थे और जीतते रहे है. न्यू बार मिल से सतीश सिंह लगातार कमेटी मेंबर का चुनाव जीतते रहे है. उन्होंने चुनाव जीतने के बाद कहा कि वे महामंत्री के तौर पर यूनियन को मजबूत बनाने के साथ साथ मजदूरों की हर समस्याओं के साथ जिस तरह से लगातार खड़े रहे है, उसी तरह से वे लगातार खड़े रहेंगे. महामंत्री सतीश सिंह 40 साल के है. वे अब तक के सबसे युवा महामंत्री हैं. वे बिहार के छपरा जिले के डोरीगंज के रसूलपुराा गांव के रहने वाले है. उनके पिता शत्रुघ्न सिंह टाटा स्टील के एटूएफ ब्लास्ट फर्नेस विभाग में कार्यरत थे, जो 2004 में इएसएस लेकर कंपनी की सेवा से अलग हो गये. यूनियन से पिता का कोई जुड़ाव नहीं था. मां रेणु देवी हाउस वाइफ है. पत्नी सुनीता सिंह और एक बेटी आदिति और बेटा युवराज सिंह है. केएमपीएम हाइ स्कूल से मैट्रिक की डिग्री हासिल की जबकि एसआइटी बेंगलुरु से इलेक्ट्रॉनिक व टेलीक्यूनिकेशन विभाग में डिप्लोमा है. श्री सिंह के एक भाई और टाटा स्टील में पदाधिकारी है जबकि एक भाई व्यवसाय से भी जुड़े हुए है.

दूसरी ओर, टाटा वर्कर्स यूनियन के दूसरी बार शैलेश सिंह डिप्टी प्रेसिडेंट बने है. उन्होंने कहा है कि यूनियन की अस्मिता और कर्मचारियों के जीवन स्तर को ऊपर ले जाने के साथ उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करने का काम वे करेंगे. डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के पिता शशिभूषण सिंह टाटा स्टील में ही कार्यरत थे. बतौर कर्मचारी पुत्र शैलेश सिंह की टाटा स्टील में इंट्री हुई. इसके बाद वे एक साल तक 1990 में टाटा स्टील के शिट मिल में काम करते रहे. इसके बाद उनको पावर इंजीनियरिंग डिवीजन में काम किये और फिर एलडी 2 में उसके बाद से लगातार रहे. पहली बार वे 1997 में एलडी 2 से कमेटी मेंबर बने. इसके बाद वर्ष 2002, 2005, 2006 और 2009 में लगातार कमेटी मेंबर रहे. 2006 के चुनाव में रघुनाथ पांडेय के साथ वे डिप्टी प्रेसिडेंट बने. उसके बाद वे 2012 में फिर से जीते. 2015 में भी चुनाव जीते, लेकिन 2018 के चुनाव में वे कमेटी मेंबर का भी चुनाव हार गये थे. लेकिन वे अच्छा कम बैक किये और संजीव चौधरी टुन्नु और सतीश सिंह के साथ मिलकर चुनावी समीकरण बदला और जीत दर्ज की. उनकी दो बेटी है, जिसमें से एक बड़ी बेटी एमए करके निट कर चुकी है जबकि छोटी बेटी एमबीए कर रही है जबकि बेंगलुरु में बेटा बीटेक की तैयारी कर रहा है. उनकी पत्नी हाउस मेकर की भूमिका में उनका साथ देती है.
टाटा वर्कर्स यूनियन के अब तक के अध्यक्ष
अध्यक्ष-वर्ष
एसएन हलदर-1920-22
सीएफ एंड्रूज-1922-28
सुभाषचंद्र बोस-1928-36
प्रोफेशर अब्दुल बारी-1936-47
माइकल जॉन-1947-77
वीजी गोपाल-1977-93
एसके बेंजामिन-1993-2002
आरबीबी सिंह-2002-2005
रघुनाथ पांडेय-2006-2012
पीएन सिंह-2012-2015
आर रवि प्रसाद-2015 से 2018
आर रवि प्रसाद-2018 से 2021
संजीव चौधरी टुन्नु-2021 से अब आगे



