जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन के फाइनांस कमेटी की बैठक में यूनियन के बढ़ते खर्च और कई तरह के छुपे हुए खर्चें को लेकर थोड़ा विवाद उत्पन्न हो गया. हालांकि, शांतिपूर्वक बातों को रखा गया, लेकिन एकाउंट को लेकर काफी टकराव की स्थिति देखने को मिला. टाटा वर्कर्स यूनियन की आमदनी में हो रही कमी के बारे में भी सवाल उठाया गया. यह बतया गया कि यूनियन की सदस्यता घट गयी है, जिस कारण यूनियन की आमदनी भी घट गयी है. माइकल जॉन ऑडिटोरियम से भी कमायी घट गयी है. लिहाजा, यूनियन की आमदनी को बढ़ाने की जरूरत है. (नीचे भी पढ़ें)
मेडिकल लोन के तौर पर करीब दो लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जिस पर जब सवाल पूछा गया तो बताया गया कि यूनियन का स्टाफ बीरेद्र कुमार को उनके परिजन के इलाज के लिए दो लाख रुपये बतौर लोन दिया गया है, जिनके वेतन से कटौती की जायेगी. इस दौरान अध्यक्ष ने यूनियन के स्टाफ की मजबूरी का हवाला दिया, जिसके बाद मसला शांत हो पाया. वहीं, इस दौरान दिसंबर, जनवरी और फरवरी का एकाउंट को पारित किया गया. यूनियन के चुनाव का करीब एक साल बाद 1 लाख 92 हजार रुपये तक का खर्च दिखाये जाने पर भी कड़ी आपत्ति जतायी गयी. इस पर बताया गया कि यह खर्च उसी वक्त हुआ था, लेकिन पेमेंट और बिलिंग देर से हुआ था, जिस कारण अभी आया है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, टीडीएस की कटौती का भी सवाल उठाया गया. कुल मिलाकर यहां सदस्यों ने चिंता जतायी कि यूनियन की आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया वाला जो रवैया है, उसको बदलने की जरूरत है. टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग बुलाने के पहले फाइनांस कमेटी की बैठक बुलायी जाती है. इस कारण अब कमेटी मीटिंग बुलायी जायेगी. यह मीटिंग कई मायने में काफी महत्वपूर्ण होगी.



