
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव सह यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव नितेश राज ने त्रिवेंद्रम में इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है. इसको लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की मांग को दोहराया है. इस मौके पर उनके साथ यूथ इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गाबा, झारखंड इंटक के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, शिवलखन सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस ज्ञापन में नितेश राज ने कहा है कि लेबर रिफार्म के नाम पर किये गये श्रम कानूनों और अधिकारों की कटौती को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रिव्यू पीटिशन सरकार के स्तर पर दिया जाना चाहिए ताकि जो श्रम अधिकार और कानूनों में कटौती की गयी है. उसको वापस किया जा सके. जरूरी पड़े तो सुप्रीम कोर्ट तक जाया जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने डिमांड किया है कि निजी क्षेत्रों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार में लगातार कांट्रैक्ट पर कर्मचारियों की बहालियां हो रही है. कांट्रैक्ट को लेकर तत्काल सारी कंपनियों और सरकार के लिए एक गाइडलाइन बनाया जाये ताकि ऐसे श्रमिकों का अधिकार बचाया जा सके. इंटक की ओर से एक ऐसा फोरम तैयार हो, जिसमें देश भर के सारे यूनियन जुड़े हो और इंटक एक ऐसा आधुनिक मोबाइल एप तैयार कराये, जिसमें एक एप से सारे यूनियनों की गतिविधियों की जानकारी हो जाये और सूचनाएं आदान प्रदान हो सके, जिस तरह टाटा समूह ने टाटा नियो एप लाया है. इससे देश भर की यूनियनों की समस्याएं, गुड प्रैक्टिस को जानकर नयी जानकारियां हासिल कर आने वाली चुनौतियों की तैयारियां ट्रेड यूनियनें कर सकती है. अभी हम लोग त्रिवेंद्रम में क्या कुछ बेहतर समझौता हुआ है या कदम उठाये गये है, जो श्रमिक हित में हो, वह नहीं जान पाते हैं. इसको लेकर इंटक साझा मंच तैयार करें और अब इंटक का एक ऐसा एप विकसित किया जाये, जिससे एक छत के नीचे सारी जानकारियां हासिल हो सके. इससे यूनियनों की दूरियां भी कम हो सकेगी. इंटक के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने इस डिमांड को काफी ज्यादा सराहा है और कहा है कि इन सारे मसलों पर वे खुद निजी स्तर पर देखेंगे.






