
जमशेदपुर : टाटा स्टील मैनेजमेंट के खिलाफ टाटा वर्कर्स यूनियन ने दो आपत्तियां जतायी है. इन आपत्तियों को यूनियन की ओर से सोशल एकाउंटेबिलिटी (एसए)-8000 की बैठक में दर्ज करा दी है. यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय इस बैठक में शामिल थे, जिसमें तीनों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया. इस दौरान यूनियन के टॉप थ्री ने साफ तौर पर कहा कि टाटा स्टील में 12 घंटे का काम कुछ विभागों में कराया जा रहा है, जिससे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर काफी दिक्कतें हो रही है. इन दिक्कतों को दूर करने की जरूरत है. कोरोना को लेकर मैनेजमेंट की ओर से जारी किये गये एकतरफा फैसले या सरकुलर पर भी कड़ी आपत्ति जतायी गयी है.
यह कहा गया है कि यूनियन से बिना सहमति के कई सारे फैसले लिये गये है, जो आपत्तिजनक है और व्यवहारिक नहीं है. अगर यूनियन के साथ समन्वय स्थापित कर फैसला लिया जाता तो निश्चित तौर पर बेहतर फैसला होता और कोरोना से बचाव का भी रास्ता निकलता, लेकिन कई सरकुलर एकतरफा जारी कर दिये गये. इसके अलावा यूनियन ने यह भी आपत्ति जतायी है कि हिंदी में सरकुलर जारी किया जाना चाहिए बल्कि सिर्फ इंग्लिश में ही सरकुलर जारी कर दिया जाता है, जिससे काफी दिक्कत होती है और निचले स्तर पर कर्मचारियों को संदेश पहुंचने में दिक्कतें होती है. इस दिक्कत को दूर करने की भी मांग की गयी. इस दौरान टीएमएच की प्रशंसा की गयी और वहां के चिकित्सकों और नर्सों से लेकर हर तरह के स्टाफ को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का डिमांड किया गया. इस दौरान यह बताया गया कि टीएमएच में जैसी व्यवस्था है, वैसी व्यवस्था को शायद ही कहीं होगी. विपरित परिस्थितियों में टीएमएच बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. इन लोगों ने कैंटीन में सुविधाएं बढ़ाने का भी डिमांड रखा क्योंकि कैंटीन का रेट बढ़ा है तो वहां खाने की क्वालिटी और कर्मचारियों की सुविधाओं को भी बढ़ाया जाना चाहिए.





