जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में पूर्व में अधीकृत यूनियन रह चुकी टेल्को वर्कर्स यूनियन (पंजीकरण संख्या–98) द्वारा वर्ष 2024 में दायर रिट याचिका डब्ल्यूपीसी 3609/2024 पर झारखंड उच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई निर्धारित है. याचिका में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के साथ हुए समझौते को चुनौती दी गई है, जिसके चलते मजदूरों को कम वेतन वाले जेओ ग्रेड में डाल दिया गया था. यूनियन ने मांग की है कि प्रभावित मजदूरों को बैक वेजेस सहित उनके पूर्व ग्रेड में बहाल किया जाए. यह मामला क्रम संख्या 60 पर सूचीबद्ध है. (नीचे भी पढ़े)
यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखने के उद्देश्य से महंगे और बड़े वकीलों की सेवाएं ले रहा है, जिसके विरुद्ध यूनियन पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रही है. इस मामले से संबंधित अफसर जावेद द्वारा दायर याचिका को वर्ष 2025 में माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था, क्योंकि वह व्यक्तिगत विवाद से जुड़ी हुई थी. इसके विपरीत, टेल्को वर्कर्स यूनियन की याचिका औद्योगिक विवाद से संबंधित है, जिस कारण यूनियन का पक्ष न्यायालय में अधिक मजबूत माना जा रहा है. (नीचे भी पढ़े)
उल्लेखनीय है कि दोनों याचिकाएं वर्ष 2024 में एक ही मामले को लेकर अलग-अलग रूप में दायर की गई थीं. यह रिट याचिका टेल्को वर्कर्स यूनियन की ओर से महामंत्री प्रकाश कुमार, उपाध्यक्ष आकाश दुबे एवं प्रवक्ता हर्षवर्धन सिंह द्वारा दायर की गई है. यूनियन ने विश्वास व्यक्त किया है कि मजदूरों को उनका न्यायसंगत अधिकार दिलाने के लिए वह अदालत में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखेगी.




