शार्प भारत डेस्क : हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे का सबसे पवित्र महत्व है. भारत के साथ साथ यह दक्षिण एशिया में भी घरों और मंदिरों में आपको तुलसी का पौधा मिलेगा. तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं और इसे जड़ी-बूटियों की रानी के रूप में भी जाना जाता है. इसके वायु-शोधक गुणों ने वातावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया है और इसकी पत्तियां बैक्टीरिया को मार सकती हैं. परंतु सर्दी का मौसम आते ही प्रकृति में बदलाव होने लगता है. पत्ते झड़ने लगते है, और पौधे सूख जाते है. लेकिन क्या आपको पता है कि तुलसी के सूख जाने पर उसकी लकड़ियों का भी प्रयोग किया जा सकता है, जिसे हम अकसर कचरे में फेंक देते है. इन सूखी लकड़ियों को हम अलग अलग तरीके से इस्तेमाल कर सकते है. इसका प्रयोग जैविक खाद बनाने में, चाय मसाला बनाने में और प्राकृतिक उपयोग हम मच्छर भगाने के लिए करते है. जानते है तुलसी के सूखे पौधों का प्रयोग – (नीचे भी पढ़ें)
बेहतरीन खाद का काम करती है सूखी लकड़ियां – यदि लकड़ियां अधिक गल चुकी हैं, तो उन्हें छोटे टुकड़े में काटकर मिट्टी में दबा दे. उससे तुलसी की गुणवत्ता बढ़ाती है और अन्य पौधों में फंगस नहीं लगती है. ये मिट्टी खाद का काम करती है.
मच्छर भगाने के लिए – सूखी लकड़ियों का प्रयोग हम मच्छर भगाने के लिए करते है. आम तौर पर बाजार में मिलने वाली मॉस्किटो कॉइल्स सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती है. उससे बचने के लिए हम प्राकृतिक रूप से मच्छरों को भगाने के लिे तुलसी की सूखी लकड़ियों का इस्तेमाल कर सकते है. उसमें थोड़ा कपूर लगाकर रखने से घर से मच्छर भाग जाते है और इससे हमे परेशानी भी नहीं होती है. (नीचे भी पढ़ें)
लड्डू गोपाल के लिए तैयार करें माला – लड्डू गोपाल के लिए हम तुलसी की सूखी लकड़ियों से कंठी माला या हाथ में पहनने वाली माला बना सकते है. इसके लिए हमे तुलसी की थोड़ी मोटी सूखी लकड़ियों को छीलकर उनसे छोटे – छोटे मोती बना सकते है. इन मोतियों को पिरोकर लड्डू गोपाल के लिए माला तैयार कर सकते है.
तुलसी जल का इस्तेमाल – तुलसी के सूखे पत्तियों को यदि हम तांबे के लोटे में पानी भरकर डाल दें. फिर उसे दो घंटे बाद घर में छिड़काव करें तो इससे घर की बैक्टीरिया को कम किया जा सकती है.
चाय मसाला बनाने के लिए – सूखी टहनियों से हम चाय का मसाला तैयार कर सकते है. इसके लिए हमे एक ग्राइंडर में 2-3 गुलाब की पत्तियां, लौंग, इलायची, सौंफ और दालचीनी का टुकड़ा मिला लें. उसमें मुलेठी को ओखली में कूट कर मिला दे और सभी तो चला लें. चाय बनाते समय इस पाउंडर का प्रयोग करें, इससे चाय बेहद स्वादिष्ट बनती है.




