
धालभूमगढ़ : सरकारी महकमा की अनोखा अंदाज और निराला प्रयास देखना हो तो धालभूमगढ़ प्रखंड स्थित बंगाल सीमा से सटे रावताड़ा पंचायत के नुआग्राम गांव पहुंचे जायें. इस गांव में सरकार और सरकारी महकामे के अनोखे अंदाज से हर कोई हैरान और अचम्भित है. 52 परिवार वाले इस गांव की विशेषता यह है कि सरकारी पदाधिकारी के अनुसार गांव में महिलायें है ही नही, सिर्फ पुरूष ही गांव में रहते हैं. गांव में बने सभी परिवार के राशन कार्ड से लगभग अधिकांश राशन कार्ड से महिलाओं का नाम ही गायब है. कार्ड में पति और पुत्र का नाम है परंतु पत्नियों का नाम राशन कार्ड में है ही नही.
गांव की महिला जासमी सोरेन, मिनू सोरेन, गीता सोरेन, रानी सोरेन, गेथो मांडी, सोमबारी हेम्ब्रम, धानी हेम्ब्रम समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि गांव के अधिकांश परिवार में बने राशन कार्ड में पत्नीयों का नाम नही है जिस कारण उन्हें कम अनाज मिलता है और वे सभी सरकारी लाभ पाने से वंचित हो रही हैं. कहा कि सरकारी पदाधिकारीयों से हुई चुक को सुधारने के लिए वे सभी कई बार प्रखंड मुख्यालय में आवेदन देकर सुधार करने की मांग की परंतु अब तक विभाग द्वारा सुधार नही किया गया है. महिलाओं ने गांव पहुंचे क्षेत्र के विधायक रामदास सोरेन से मिलकर कार्ड में हुई त्रुटि की शिकायत कर समस्या की समाधान करने की मांग की है.
पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण कार्ड में महिलाओं का नाम नहीं है शामिल : विधायक
इस संबंध में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि महिलाओं ने कार्ड में नाम नहीं होने की समस्या से अवगत कराया है. कहा कि वे खुद कई कार्ड को देखा जिसमें गृहणियों का नाम नहीं है, यह देख खुद अचम्भित है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ. विधायक ने कहा कि वे इस संबंध में जमशेदपुर जाकर डीएसओ से मिलकर गांव की समस्या को रखेंगे और विभाग द्वारा हुई त्रुटि को सुधारने की बात कहेंगे.ेहे







