रामगोपाल जेना,चाईबासा: झारखंड उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुपालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्रभारी सचिव एंजिलिना नीलम मडकी, सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी और जिला के उप सिविल सर्जन अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर शिव चरण हांसदा ने मंडल कारा चाईबासा का विस्तृत निरीक्षण किया. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंदियों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और मानवाधिकारों की उपलब्धता की जांच करना था.टीम ने विशेष रूप से मंडल कारा के मेडिकल वार्ड का भ्रमण किया और वहां भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य एवं उन्हें दी जा रही दवाओ का जायजा लिया. उन्होंने मेडिकल वार्ड में साफ सफाई, बेड की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की.(नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कारा प्रशासन को जेल में उपलब्ध दवाइयां की समय सीमा का ध्यान रखने एवं पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने जेल में रह रहे बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली, बीमार बंदियों को समय पर परामर्श उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया,इसके साथ ही जेल परिसर में उपलब्ध अन्य बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वस्थ पेयजल और आहार की गुणवत्ता का भी उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया. इस दौरान प्राधिकार की सचिव ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार बंदियों के कानूनी और स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कारा प्रशासन को निर्देश दिया कि यदि किसी बंदी को गंभीर बीमारी के कारण बेहतर इलाज की आवश्यकता हो तो उन्हें अविलंब उच्च केंद्रों पर भेजने की व्यवस्था की जाए. इस अवसर पर जेल अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे.



