रामगोपाल जेना चक्रधरपुर: शिक्षा और समाजिक क्षेत्र में स्व श्यामसुंदर महतो का ऐतिहासिक योगदान रहा.
मधुसूदन स्कूल के संस्थापक स्व श्याम सुंदर के श्राद्धकर्म और संस्कार भोज में कई नामचीन लोग शिरकत की. विधानसभा अध्यक्ष ने शोक-संवेदना का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने दिवंगत श्याम सुंदर महतो समेत अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय ख्याति प्राप्त व्यक्तियों के प्रति संवेदना प्रकट की. झारखंड निर्माता पूर्व मुख्यमंत्रीदिशोम गुरु शिबू सोरेन, शिक्षा मंत्री रहे दिवंगत रामदास सोरेन, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मालिक, समाजसेवी शिक्षाविद् श्याम सुंदर महतो, एवं पत्रकार हरिनायारण सिंह समेत ख्याति प्राप्त दिवंगतों सहित प्राकृतिक आपदा/हादसे के शिकार हुए दिवंगतों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त किया गया.विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया. श्याम सुंदर महतो समेत अन्य दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. विधायक सुखराम उरांव ने शिक्षाबिद् श्याम सुंदर महतो के कार्यों को रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष का ध्यानाकर्षण कराया.(नीचे भी पढ़े)

शोक संवेदना व्यक्त करना विधानसभा की कार्यवाही का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दिवंगत व्यक्तियों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि को दर्शाता. बताते चलें कि श्याम सुंदर महतो सर एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और समाजसेवक थे, जिन्होंने शिक्षा और समाज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए, झारखंड विधानसभा में शोक संवेदना व्यक्त की गई. विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि श्याम सुंदर महतो शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत थे और मधुसूदन विद्यालय की स्थापना में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी. उनके प्रयासों से समाज के विभिन्न वर्गों को शिक्षा के अवसर प्राप्त हुए और समाज में सकारात्मक परिवर्तन आया. उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम किया और उनके उत्थान के लिए प्रयास किया.











