चाईबासा:झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर तथा राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में सदर प्रखंड कार्यालय के सभागार में महिलाओं के बीच विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को भारतीय संविधान में विशेष अधिकार दिए गए हैं,क्षेत्र में डायन हत्या के रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, डायन बताकर किसी को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता, यह कोरा अंधविश्वास है और कई बार आपसी दुश्मनी के कारण प्रतिशोध की भावना से उठाया कदम भी, किसी भी महिला या व्यक्ति को डायन या अपमान जनक शब्दों से संबोधित किया जाना अपराध की श्रेणी में आता है.(नीचे भी पढ़े)
डायन प्रथा प्रतिशेध अधिनियम के द्वारा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है. मौके पर सदर प्रखण्ड विकास पदाधिकरी श्रीमती पारुल सिंह ने भी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने को प्रेरित किया.एलएडीसी के चीफ सुरेन्द्र प्रसाद ने भी लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि किसी तरह के हादसे के शिकार व्यक्ति या उसके आश्रितों को पीड़ित मुआवजा योजना के अन्तर्गत सहायता राशि भी प्राधिकार के माध्यम से दिए जाने का प्रावधान है. वैवाहिक संबंधों में विवाद पर भी भारतीय कानून व्यवस्था में महिलाओं के सरंक्षण पर कई व्यवस्था किए गए हैं, जानकारी के अभाव में लोग उसका लाभ नहीं ले पाते हैं.(नीचे भी पढ़े)
जेएससीपीसीआर के सदस्य विकास दोदराजका ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य है, किसी भी तरह की सामाजिक समस्याओं के समाधान हेतु प्राधिकार के कार्यालय में सम्पर्क करना चाहिए या लिखित आवेदन समर्पित करना चाहिए.इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं, सहिया बहने सहित पीएलवी संजय निषाद, मो शमीम, अरुण विश्वकर्मा, नीतू सार, असीमा चटर्जी आदि उपस्थित थे.



