बंदगांव: पश्चिम सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना में घायल बिजली मिस्त्री श्यामसुंदर रजक की माता दुर्गा मुनी रजक ने कराईकेला थाना में आवेदन देकर बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. आवेदन में बताया गया है कि घटना के समय फीडर की ज़िम्मेदारी शंभू विश्वकर्मा नामक कर्मचारी की थी. जो चक्रधरपुर स्थित सेन्ट्रल बैंक के सामने कुसुमकुंज का निवासी है. परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद मिस्त्री को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. इस हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. (नीचे भी पढ़े)
विदित हो कि कराईकेला क्षेत्र के लाडुपोदा गांव में कार्यरत बिजली मिस्त्री श्याम सुंदर रजक 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया. घटना 1 अगस्त को करीब 3:17 बजे की बताई जा रही है. प्राथमिक इलाज के बाद उसे बेहत्तर इलाज के लिए टीएमएच अस्पताल जमशेदपुर रेफर कर दिया गया. श्याम सुंदर रजक, जो पिछले आठ वर्षों से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड में कार्यरत है. लाडुपोड़ा आदिवासी टोला में लाइन सुधार कार्य कर रहा था. इसके लिए लाडुपोड़ा फीडर से शटडाउन लिया गया था. लेकिन कार्य के दौरान अचानक फीडर से लाइन चालू कर दी गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आ गया था.



