रामगोपाल जेना/चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय सीनेट की बैठक में टाटा कॉलेज, चाईबासा के निवर्तमान प्राचार्य डॉ अमर सिंह द्वारा छात्र नेताओं पर घूसखोरी और क्रिमिनल जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए गंभीर आरोप लगाये जाने पर छात्र समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है. छात्र नेताओं ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अवैधानिक और मानहानि कारक बताया है. उनका कहना है कि यह न केवल छात्र समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि एक जिम्मेदार शैक्षणिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण पर भी सवाल खड़ा करता है. (नीचे भी पढ़ें)
छात्रों ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मानपूर्ण जीवन का अधिकार सभी को है. बिना ठोस प्रमाण के इस प्रकार के आरोप लगाना स्पष्ट रूप से मानहानि की श्रेणी में आता है, जिस पर कानूनी कार्रवाई संभव है. छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे छात्रों के अधिकारों और समस्याओं के लिए आवाज उठाते हैं. उन्हें अपराधी कहना उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास है और इससे शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित होता है. (नीचे भी पढ़ें)
छात्रों ने इस संदर्भ में डॉ अमर सिंह द्वारा अपने बयान के लिए तत्काल बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगे जाने, सभी अपमानजनक और निराधार आरोप वापस लेने, भविष्य में छात्रों के साथ सम्मानजनक और वैधानिक व्यवहार सुनिश्चित किये जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे संबंधित पदाधिकारियों के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे, यही नहीं, इस संबंध में कानूनी कार्रवाई एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का मार्ग भी अपनाएंगे. मांग करने वाले विद्यार्थियों में सुबोध महाकुड़, सनातन पिंगुआ, पिपुन बारिक, लक्ष्मण बरुआ, अनुज पुर्ती, मोटाई कोडांकेल, साईराम महतो, प्रसंजीत महतो, पवन महतो, अरमान पिंगुआ, आरएस महतो सहित अन्य शामिल रहे.



