- विलकिंसन रुल्स-20 और हुकूकनामा के विपरीत है विनियमन : मानकी मुंडा संघ
- न्याय पंच लागू होने से जनता को मिलेगा सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय : विधायक

चाईबासा : कोल्हान में विलकिंसन रुल्स-20 को लेकर तत्कालीन सरकार के विधि विभाग द्वारा मानकी मुंडाओं के अवलोकनार्थ जारी विनियमन 2019 पर कोल्हान के मानकी मुंडाओं ने विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से सिरे से खारिज कर दिया है. विनियमन पर मानकी मुंडाओं ने एक आकस्मिक बैठक विधायक कार्यालय सरनाडीह में बुलायी, जिसमें चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा, आदिवासी हो समाज महासभा के अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा, उपाध्यक्ष नरेश देवगम समेत मानकी मुंडा के साथ उक्त विनियमन पर विचार-विमर्श कर कोल्हान अधीक्षक द्वारा बुलाई गई बैठक में मानकी मुंडा शामिल हुए.
मानकी मुंडाओं ने कहा कि 2019 में जो विनियमन विधि विभाग द्वारा जारी किया गया है, वह न तो विलकिंसन रुल्स, न हुकूकनामा, न सिंहभूम कोल्हान सेटलमेंट गजट 1913 और न ही बिहार कोल्हान सिविल जस्टिस रेगुलेशन एंड वेलिडिटी एक्ट 1978 से मेल खाता है. विधि और राजस्व विभाग द्वारा जारी परिशिष्ट उक्त सभी के विपरीत है. इसलिए मानकी मुंडा इसे सिरे से खारिज करते हैं. मानकी मुंडाओं ने मांग की कि विधि विभाग द्वारा जारी विनियमन को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्याय निर्णय, हाई कोर्ट के न्याय निर्णय, झारखण्ड महाअधिवक्ता के परामर्श, विधि व राजस्व विभाग के सचिव के परामर्श और मुख्यमंत्री द्वारा सदन में की गई घोषणा के आलोक में शीघ्र ही विलकिंसन रुल्स-20 के तहत मानकी मुंडा न्याय पंच का गठन किया जाए, ताकि विगत 40 वर्षों से न्याय के लिए भटक रही कोल्हान की जनता को न्याय मिल सके. वहीं विगत वर्षों से लंबित 3000 दीवानी मामलों का निपटारा होने के साथ ही जनता को न्याय मिल सके.

न्याय पंच लागू होने से देश का पहला राज्य होगा झारखण्ड : विधायक
इस मामले पर विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि देश के आठ आदिवासी राज्यों में झारखंड ऐसा पहला राज्य बनेगा, जहां आदिवासियों का ट्रेडिशनल कोर्ट होगा. जहां आदिवासी परंपरा के अनुरूप यहां के आदिवासियों को न्याय मिलेगा. विधायक श्री बिरुवा ने कहा कि 40 वर्षों से न्याय को भटक रही जनता को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिल सकेगा. विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी आश्वस्त किया है कि जल्द ही न्याय पंच का गठन किया जाएगा. यह देश के लिए मिसाल साबित होगा.
इन्होंने रखे अपने विचार
बैठक में मानकी शिवचरण पाड़िया, मानकी जगदीश आल्डा, मानकी जगमोहन बिरुली, मानकी सुरजीत सिंह सामड, मानकी लखींद्र देवगम समेत मानकी मुंडा संघ के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, महासचिव रामेश्वर कुंटिया, सलाहकार अधिवक्ता महेंद्र दोराइबुरु, मुंडा प्रताप सिंह कालुंडिया, मुंडा जमादार लागुरी, मुंडा सिदिउ पूर्ति, मुंडा वीर सिंह सुंडी व अन्य ने भी अपने विचार रखे.







