रामगोपाल जेना / चक्रधरपुर : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के पश्चिमी सिंहभूम जिला की ओर से मंत्री जोबा को उनके आवास पहुंचकर जिला अध्यक्ष शंभू गोप के नेतृत्व में शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा गया. इस अवसर पर मनरेगा कर्मचारियों को मंत्री जोबा मांझी ने आश्वासन देते हुए कहा कि पूरे मामले को लेकर वे राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास मंत्री से मिलकर वार्ता कर समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेगी. मौके पर मनरेगा कर्मी मोनिका गुप्ता ने विस्तार पूर्वक मंत्री जोबा मांझी के समक्ष मांगो को लेकर अपनी बातें रखी. मनरेगा कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मनरेगा कर्मियों की सेवा नियमित करते हुए सभी प्रकार के सर्विस बेनेफिट यथा वेतनमान, ग्रेच्युटी, रिटायरमेंट, दुर्घटना लाभ एवं चिकित्सा लाभ का प्रावधान किया जाये. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं स्थायी किए जाने की तिथि तक श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा समान काम समान वेतन देने व प्रतिवर्ष 10 फीसदी वेतन बढ़ोतरी का प्रावधान कर, राज्य स्तर पर एक वेतन शीर्ष का गठन किया जाये तथा प्रशासनिक मद से वेतन भुगातान नहीं हो पाने की स्थिति में राशि की भरपाई राज्यांश मद से की जाये, सामाजिक सुरक्षा यथा जीवन बीमा (पचास लाख) स्वास्थ्य बीमा (दस लाख) मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को मुआवजा एवं अनुकंपा के आधार पर नौकरी का प्रावधान किया जाये, बर्खास्तगी पर रोक हो, मनरेगा कर्मियों को जॉब सिक्योरिटी दी जाये, पूर्व बर्खास्त मनरेगा कर्मियों को पुनः बहाल किया जाए, सरकारी नियुक्तियों में आरक्षण, उम्रसीमा में सेवा काल की अवधि के बराबर छूट का प्रावधान किया जाने की मांग की गयी है.




