रामगोपाल जेना/चाईबासा : युगो युग अटल, जागृति ज्योति, प्रत्यक्ष गुरु श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व चाईबासा स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. श्री गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने समूह साध संगत को प्रकाश पर्व की बधाइयां दीं. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने श्री गुरूग्रंथ साहिब जी को गुरु का दर्जा दिया. (नीचे भी पढ़ें)

” आज्ञा भई अकाल की तबहै चलायो पंथ, सब सिखन को हुक्म है गुरु मानयो ग्रंथ”, उसी समय से पूरे विश्व के सिख तथा अनुयायी श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को गुरु स्वरूप मानते आ रहे हैं. आज ही के दिन श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में हुआ था. तब से ही श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश परब विश्व में जहां भी सिख रहते हैं तथा वहां बस गए हैं, बड़ी श्रद्धा एवं आदर के साथ श्री गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व मनाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

गुरुद्वारा में पिछले 3 महीने से अनमोल सलूजा के द्वारा बच्चों एवं बड़ों को विभिन्न साज बजाना एवं कीर्तन करना सिखाया गया जो कि प्रशंसनीय कार्य है. इसी तरह सभी गुरु चरणों से जुड़े रहेंगे तो निश्चित है वाहेगुरु जी की कृपा सदैव उन पर बनी रहेगी. आज छोटे बच्चों, वाणी वालिया, प्रभदीप सिंह, करमजीत कौर, जसमीत कौर, शताक्षी सिन्हा, सिमरन वालिया, हरमन सिंह, मनदीप कौर, गुरदीप कौर, जसप्रीत कौर, स्त्री सत्संग सभा की रानो वालिया, बलजीत कौर, सतवंत कौर, शरणजीत कौर, परमजीत कौर, रज्जी कौर, रजवंत कौर, रानी कौर, अनीता खन्ना, जसप्रीत कौर, सीरत कौर आदि ने कीर्तन किया. गुरुद्वारा के ग्रंथी जसवंत सिंह तथा अनमोल सलूजा ने कीर्तन किया. सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. ग्रंथी जसवंत सिंह जी ने अरदास की. बाद में प्रसाद एवं लंगर भी बरताया गया.



