रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन झारखंड के उप निदेशक मोहम्मद तजम्मुल हुसैन जॉनी ने शनिवार को रेलवे फाटक के समीप बने नव निर्मित रेल अंडरपास का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अंडरपास में कई खामियां पाई गईं. इसमें रोड के बीचोंबीच बीच बिजली का खंभा के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी लगा पाया गया. ठीक उसी ट्रांसफॉर्मर के सामने अली क्लिनिक है. (नीचे भी पढ़ें)

24 नम्बर 2024 को रेलवे ने अंडरपास को चालू कर दिया गया था, हालांकि आज भी वह निर्माणाधीन ही है. नाली नहीं बने होने के कारण पानी बाहर जाने के बजाय अंडरपास में ही जमा हो रहा है. चार करोड़ रुपए की लागत से बने अंडरपास के लिए 4 करोड़ की राशि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी. लेकिन इसके निर्माण में चार करोड़ रुपये की लागत आई भी है कि नहीं, यह भी जांच का विषय है. यही नहीं, यह इतना संकरा बना है कि उससे होकर एक एम्बुलेंस भी नहीं जा सकती है, जबकि हमारी मुख्य मांग एम्बुलेंस के लिए रास्ता देने की ही थी. मो तज्जमुल ने जिला प्रशासन, रेलवे एवं बिजली विभाग से मामले की तत्काल जांच कराकर उचित कर्रवाई किये जाने की बात कही.



