जमशेदपुर : पश्चिम सिंहभूम ज़िलें के चक्रधरपुर के एकाउंट कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल के मासूम की जान चली गई. घर में खेलते समय बच्चे ने नेफ्थलीन बॉल को चॉकलेट समझकर मुंह में डाल लिया. कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उल्टियां होने लगीं. परिजनों को जब घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल बच्चे के मुंह से नेफ्थलीन बॉल निकालने की कोशिश की, लेकिन कुछ घंटे बाद उसकी हालत गंभीर हो गई. बच्चे की पहचान एकाउंट कॉलोनी निवासी सनी दीप के डेढ़ वर्षीय पुत्र शिवम दीप के रूप में हुई है. शिवम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. उसकी मौत के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिजनों के मुताबिक, रविवार को शिवम घर में खेल रहा था. इसी दौरान उसकी नजर नेफ्थलीन बॉल पर पड़ी और उसने उसे चॉकलेट समझकर मुंह में डाल लिया. कुछ समय बाद उसे उल्टी होने लगी. (नीचे देखे पूरी खबर)

इसी दौरान परिजनों को आशंका हुई कि उसने नेफ्थलीन बॉल निगल ली है. उन्होंने बच्चे के मुंह से बॉल निकाल दी, लेकिन इसके बाद भी उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई. बच्चे को इलाज के लिए पहले चक्रधरपुर के एक अस्पताल ले जाया गया. वहां से सोमवार को उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर किया गया. परिजनों का कहना है कि बच्चे को रातभर सदर अस्पताल में भर्ती रखा गया, लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. परिजनों ने चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि रातभर भर्ती रहने के बावजूद बच्चे को स्लाइन नहीं चढ़ाया गया और ऑक्सीजन भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी. सुबह हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंचे. वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. बच्चे के दादा का रो-रोकर बुरा हाल था. वह बार-बार अपने पोते को याद कर भावुक हो रहे थे. परिवार के इस दर्दनाक हालात को देखकर अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों की आंखें भी नम हो गईं. शिवम परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.




