
चाईबासा : झारखंड में जनजातीय बच्चों को स्तरीय शिक्षा मुहैया कराने के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में दो एकलव्य विद्यालय का शिलान्यास किया। जिले के हाटगम्हरिया प्रखंड के सिलायजोड़ा और मझगांव प्रखंड के हल्दिया में एकलव्य विद्यालय की आधारशिला रखी गयी। एकलव्य विद्यालय का शिलान्यास करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा की व्यापक कमी है, इसलिए एक महत्वकांक्षी योजना का शिलान्यास किया जा रहा है। इस कड़ी में प्रत्येक प्रखंड में एकलव्य मॉडल विद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। अर्जुन मुंडा ने कहा कि जिस प्रखंड में 50 फ़ीसदी या 20 हजार से ज्यादा की जनजातीय आबादी होगी, उन क्षेत्रों का आकलन कर विद्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश 75 वें स्वाधीनता वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे मौके पर यह जनजातीय समाज के लिए एक बड़ा तोहफा है। इस तोहफा को जनजातीय समाज भविष्य की पीढ़ी को स्वनिर्माण के लिए उपयोग कर सकें। (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि यह विद्यालय बालक और बालिका दोनों के लिए है। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर खोला जाएगा। विद्यालय में आदिवासी बच्चों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध होगी। एकलव्य विद्यालय शिलान्यास के मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि हमारे अपने बच्चे अपने ही गांव घर में पड़ेंगे तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि इन विद्यालयों में थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरियां स्थानीय लोगों को ही दी जाए। चाईबासा के विधायक दीपक बिरूवा ने हो भाषा में कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर जिप अध्यक्ष लालमुनि पुरती, उपायुक्त अनन्य मित्तल, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा दोपहर करीब 12 बजे चाईबासा पहुंचे जहां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भाजपा कार्यालय में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और हौसला बढ़ाया। इसके बाद परिसदन पहुंचे जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ विचार विमर्श किया और फिर एकलव्य विद्यालय के शिलान्यास के लिए हॉट गम्हरिया निकल गए।




