
जमशेदपुर : झारखंड सरकार की ओर से नवंबर माह का वेतन मद का पैसा 15 दिनोंके बाद राज्य के कोषागार में पहुंचा है. 15 दिनों के बाद माह का पैसा मिला है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है. राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा है कि ऐसा इसलिये हुआ है कि सरकार के खजाना पर लाल बत्ती जल गई है. विगत डेढ़ साल से ऐसा हो रहा है कि महीना का 20 तारीख़ के बाद वित्त विभाग का पूरा महकमा सभी आवश्यक भुगतान रोककर खजाना में पैसा जमा करते रहता है ताकि अगले माह के शुरू होते ही कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके. पहले तो दो-चार दिन की देरी पर वेतन मिल जाता था. इस माह 15 दिन बाद भी वेतन नहीं दिया जा सका. वर्तमान दिसम्बर माह का वेतन कब मिलेगा नहीं कहा जा सकता. नये साल 2020 की शुरुआत तंगी में बीतने की आशंका है. विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में राज्य सरकार को इस बारे में जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए कि क्यों नहीं राज्य के वित्त मंत्री जो स्वयं मुख्यमंत्री हैं को बर्खास्त कर दिया जाये. प्रधानमंत्री को भी जवाब देना चाहिए. सरकारी खजाना का पैसा आख़िर जा कहाँ रहा है.







