रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत जमीद गांव में स्कूल के समीप महिला का अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है. मामले को लेकर सोमवार को ग्राम मुंडा नागेश्वर महतो की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)

ग्राम मुंडा नागेश्वर महतो ने बताया कि बबलू बोदरा की पत्नी के निधन के बाद उनके परिजनों ने जमीद स्कूल के समीप अंतिम संस्कार कर दिया. सूचना मिलने पर जब वे इसका विरोध करने पहुंचे तो उनके साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई. उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेने के बाद लिखित आवेदन देने की सलाह दी. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, बोदरा परिवार ने धक्का-मुक्की के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. मृतका के ससुर करन बोदरा का कहना है कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि संबंधित जमीन उनकी है, इसलिए वहीं अंतिम संस्कार किया गया. ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मामले के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन संबंधित भूमि की जल्द से जल्द मापी एवं सीमांकन कराए. इसके लिए ग्राम मुंडा के नेतृत्व में अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा. मृत महिला के पति बबलू बोदरा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा वे बाहर में काम करते हैं, रात को लौटे हैं, उन्हें पूरी जानकारी नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि जमीन की स्थिति स्पष्ट होने से भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति नहीं होगी और गांव में शांति एवं सौहार्द बना रहेगा. इस मामले में दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और पक्ष रखे हैं. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और भूमि मापी की प्रक्रिया पर टिकी है.




