
जमशेदपुर : फेक न्यूज को लेकर हर कोई परेशान है. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट खुद सुनवाई कर रहा है तो इस सुनवाई के दूसरे ही दिन देश के नामचीन कारोबारी और टाटा समूह के एमिरट्स चेयरमैन रतन टाटा ने फेक न्यूज को लेकर सोशल मीडिया पर अपने अधीकृत एकाउंट में लिखा है कि यह फेक न्यूज है और उन्होंने ऐसी बातें नहीं कहीं गयी है. दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह बातें लिख दी कि रतन टाटा ने यह डिमांड या वकालत कर दी है कि शराब की बिक्री आधार कार्ड के साथ होना चाहिए. शराब लेने वालों के लिए दिये जाने वाले खाद्य आपूर्ति के सरकारी सब्सिडी को भी बंद किया जाना चाहिए. रतन टाटा के नाम पर यह संदेश फैलाया गया और कहा गया कि मुफ्त में अगर खाना दिया जा रहा है तो वैसे लोग शराब पी रहे है. इसके जवाब में रतन टाटा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट किया है कि उन्होंने यह बातें नहीं कहीं है, यह फेक न्यूज है. इस पोस्ट के साथ उन्होंने उस पोस्ट को भी टैक किया है, जो उनके नाम से कहा गया था. 83 वर्षीय रतन टाटा ने सोशल मीडिया पर इससे पहले भी फर्जी खबरों को लेकर जवाब दिया है. रतन टाटा ने इससे पहले भी कोरोना को लेकर किये गये टिप्पणणी का जवाब उन्होंने दिया था और कहा था कि यह गलत है और उनके नाम पर गलत संदेश चलाया गया है. रतन टाटा ने अपने नाम पर चलने वाले फर्जी कोट और फर्जी खबरों को लेकर विशेष व्यवस्था ही खड़ी कर दी है. इसके तहत रतन टाटा ने पहले ही कह दिया है कि अगर उनको कुछ कहना है तो वे अपने अधीकृत एकाउंट के माध्यम से ही कहेंगे.





