जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा है कि स्टील बिजनेस के समक्ष काफी ज्यादा चुनौतियां है. इन सारी चुनौतियों को दूर करने के लिए कंपनी के सारे कर्मचारी साथ दे रहे है और काफी कुछ बरदाश्त भी कर रहे है, लेकिन जमशेदपुर के लोगों का भी साथ देने की जरूरत है ताकि टाटा स्टील स्थायी विकास की ओर अग्रसर हो सके.
श्री नरेंद्रन बुधवार को नववर्ष के स्वागत के मौके पर रुसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस में आयोजित केक कटिंग समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी ने पत्रकारों से भी बातचीत की. उनके साथ संवाददाता सम्मेलन में टाटा स्टील के वीपी सीएस चाणक्य चौधरी, टाटा स्टील के चीफ कारपोरेट कम्यूनिकेशंस कुलविन सुरी समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे. इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कई सारी विकास की योजनाओं को लागू किया है.
केंद्र सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कई सारी योजनाओं को धरातल पर उतारना शुरू किया है, जिससे अर्थव्यवस्था पटरी पर आयेगी. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था खराब चल रहा है, लेकिन योजनाएं धरातल पर उतरने से स्थिति और बेहतर हो सकेगी. झारखंड में नयी सरकार के गठन पर टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि झारखंड सरकार से काफी अपेक्षाएं है. इज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत झारखंड में काफी काम हो रहे थे, जिसको जारी रखा जाना चाहिए और कंपनियों को बचाने की दिशा में जिस तरह का सहयोग होगा, वह सरकार के साथ मिलकर टाटा स्टील कदम उठायेगी.

उन्होंने ओड़िशा और जमशेदपुर से लेकर हर विस्तारीकरण परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भूषण स्टील और उषा मार्टिन के हालात को ठीक करने के साथ ही वहां भी विस्तार का काम चल रहा है जबकि कलिंगानगर परियोजना को तीन मिलियन टन से आठ मिलियन टन तक करने की योजना पर काम चल रहा है. जमशेदपुर के प्लांट को 11 मिलियन टन के विस्तारीकरण करने को मंजूरी मिली है, जिस पर लगभग काम हो चुका है. उन्होंने बताया कि जो परियोजना है, वह चलती रहेगी, लेकिन नयी परियोजना पर काम नहीं हो सकेगा क्योंकि बाजार की जरूरतों के अनुसार भी कदम उठाना पड़ता है.
वित्तीय वर्ष के अंतिम तिमाही में बेहतर प्रोडक्शन व सेल्स होने की उम्मीद
टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही यानी जनवरी से लेकर मार्च 2020 तक हालात पहले से बेहतर हो सकते है. मार्च 2020 तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बेहतर डिमांड आयेगा, ऐसी उम्मीद है और जो विकास योजनाओं की घोषणाएं सरकार ने की है, उस पर अमल होना शुरू हो रहा है तो निश्चित तौर पर डिमांड बढ़ेगा तो प्रोडक्शन और सेल्स और बेहतर होने की उम्मीद है तो स्वाभाविक तौर पर मुनाफा में भी बढ़ोत्तरी हो सकेगी.







