
जमशेदपुर : ” बैंकिंग लॉ संशोधन बिल” को केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए जाने के प्रस्ताव के विरुद्ध आम जनता को जागरूक करने, अपनी मांगों को राष्ट्रहित में होने तथा संशोधन का विरोध करने को लेकर जुलूस निकाला गया. ज्ञात हो बैंक कर्मचारी लगातार बैंकिंग लॉ में संशोधन के विरोध में पिछले कई दिनों से लगातार जमशेदपुर शहर के विभिन्न हिस्सों में धरना प्रदर्शन कर आम जनता तक राष्ट्र हित में अपनी बात पहुंचा रहे हैं. मंगलवार को हड़ताल रोकने के लिए सीएलसी द्वारा दिल्ली में आयोजित सुलह वार्ता बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. इस वार्ता में सरकार और आईबीए के प्रतिनिधि और यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए. इससे पूर्व भी 8 और 12 दिसंबर को सीएलसी की पहल पर वार्ता बेनतीजा रही, क्योंकि सरकार के प्रतिनिधि बैंकिंग लॉ संशोधन नही करने को लेकर कोई प्रस्ताव नही लाए थे. मंगलवार की वार्ता की भी स्थिति रही. “यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन” का मानना है कि सरकार वार्ता कर औपचारिकता पूरा कर रही है. इस कारण “यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन” के प्रतिनिधियों ने 16, 17 दिसंबर की देशव्यापी हड़ताल को “बैंक बचाओ, देश बचाओ” नारे के साथ पूर्ण सफल बनाने और आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा है. इस जुलूस का नेतृत्व संयोजक रिंटु रजक, आरबी सहाय, हीरा अरकने, डीएन सिंह, विमल राय, आरएस झा, श्रुति सरिता, खुशबू मुंडा, पूनम कुमारी, अदिति प्रकाश, विवेक परासर सिन्हा, संजीव रेड्डी, केएन नायडू, दिव्यांशु गुप्ता, प्रेम लाल साहू, दुर्गा सोरेन, पांडू राम सोरेन ने सक्रिय भूमिका निभाई.




