
जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता के बाद डीए में कटौती को अप्रैल 2020 के बजाय जनवरी 2020 से ही लागू कर देने का विरोध तेज हो गया है. इसको लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के सत्ता पक्ष के खिलाफ आवाज बुलंद हो गयी है. मंगलवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसीडेंट संजीव चौधरी टुन्नू के नेतृत्व में कमेटी मेम्बरों की बैठक बिष्टुपुर में हुई, जिसमें विगत वेज रिवीज़न की खामियों को लेकर मंथन किया गया. यहां यह कहा गया कि कमेटी मेंबरों को कमेटी मीटिंग के दौरान हाऊस में डीए (महंगाई भत्ता) फ्रिज को लेकर झूठ बोला गया. यह कहा गया था कि 8 क्वार्टर यानी आठ तिमाही के बाद यानी 2 साल तक फ्रिज न होने की बात कही गई थी, पर शायद इन लोगों को पता ही नहीं था कि 1 जनवरी 2020 से डीए फ्रिज़ करने का मतलब वास्तव में 6 क्वार्टर का ही डीए मिलना है क्योंकि जिस महीने के शुरू में डीए न्यूट्रलाइज होता है, उस क्वार्टर में डीए जीरो ही रहता है तथा 31 दिसंबर तक का जो डीए होता है वो वास्तव में वह 30 सितंबर तक का ही जुड़ा रहता है. इस मामले में यूनियन नेतृत्व द्वारा हाऊस को झूठ बोलकर गुमराह किया गया जिससे आज कर्मचारियों में आक्रोश हैं और वे सभी स्वयं को मेडिकल एक्सटेंशन वाले मामले की तरह ठगा महसूस कर रहे हैं. 500 से अधिक एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को एरियर नहीं मिलने पर भी नेतृत्व का मौनव्रत कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है. इस दौरान यह फैसला लिया गया कि वे लोग यूनियन नेतृत्व के समक्ष दबाव बनायेंगे कि ऐनामॉलीज कमेटी बनाकर इन सारी समस्याओं का निराकरण करें. यूनियन नेतृत्व को यहां घेरने की कोशिश की गयी और पूछा गया कि नेतृत्व बताये कि पुराने ग्रेड में प्रचारित 8 लाख और एनएस ग्रेड में किस कर्मचारी को 3.5 लाख एरियर मिला है. बैठक में मुख्य रुप से सरोज कुमार सिंह, शशांक मंजर, अरुण मुर्मू, एसएम शर्मा, टी लाल, आरएमएम के संजय सिंह, पिलेट प्लांट के संजय सिंह, न्यू बार मिल के संजय सिंह, संजीव तिवारी, राकेश कुमार, संतोष पांडेय, दिनेश कुमार, प्रदीप दुबे, पीडी खालको, राजेश कुमार, केके गोप, शिवशंकर सिंह, प्रज्ञानंद, विजय चौधरी, राजू महतो, ट्यूब डिवीजन के मनोज मिश्रा, सेफ्टी के संतोष सिंह, गुंजन वर्मा, सुभाष, विभाष शुक्ला, एस प्रतीक, राकेश शुक्ला, जी ब्लास्ट फर्नेस के अजय सिंह, एसपी मणि, आशीष एवं अन्य समेत लगभग 60 कमेटी मेंबरों ने अपने विचार रखे.






