
नयी दिल्ली : झारखंड से भाजपा के सभी 11 सांसदों ने नयी दिल्ली स्थित संसद भवन के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा के आगे धरना दिया. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, रांची के सांसद संजय सेठ, केंद्रीय मंत्री और खूंटी के सांसद अर्जुन मुंडा ने इसमें शरीक हुए और मांग की कि पश्चिमी सिंहभूम के बुरुगुलीकेरा में हुए पत्थलगढ़ी नरसंहार के दोषियों पर कार्रवाई की जाये और पत्थलगढ़ी को लेकर राज्य में फैलाये जा रहे अराजकता को रोका जाये. इस धरना में देश के अन्य इलाकों के भाजपा सांसदों ने भी हिस्सा लिया.

भाजपा के सांसदों ने मांग की है कि देश के स्तर पर एक एसआइटी का गठन किया जाये, जो पूरे मामले की जांच करेगी और संसद में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी ताकि न्याय हो सके. इन लोगों ने आरोप लगाया है कि झारखंड की हेमंत सरकार आरोपियों को बचाना चाह रही है और अपने दबाव में पुलिस से गलत रिपोर्ट तैयार कर इसको नक्सली मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ना चाहती है. इसमें ईसाई मिशनरियों का हाथ है या नक्सलियों का या फिर पत्थलगढ़ी का मामला है, इसको लेकर अब तक हुई जांच पर भी इन लोगों ने सवाल उठाया है. इन लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के सांसदों का दल जब घटनास्थल जा रहे थे, तब उनको साक्ष्य मिटाने के लिए ही पुलिस की मदद से रोक दिया गया. इन सांसदों ने यहां राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उनके संरक्षण में ही इस तरह के अपराध हो रहे है. धरना देने वाले सांसदों में खूंटी के सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, बीडी राम, जयंत सिन्हा समेत अन्य लोग शामिल है.






