
जमशेदपुर : टाटा स्टील के संस्थापक दिवस के पूर्व संध्या पर टाटा स्टील के जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर एसएनटीआइ में टेक-एक्स एक्जीबिशन का आयोजन किया गया. पांच मार्च तक चलने वाले इस एक्जीबिशन का उदघाटन टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने किया. इस मौके पर वीपी सीएस चाणक्य चौधरी, वीपी एचआर सुरेश दत्त त्रिपाठी, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय, उपाध्यक्ष शहनवाज आलम, उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह, सहायक सचिव नितेश राज समेत कंपनी के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे. इस मौके पर श्री नरेंद्रन ने पूरे एक्जीबिशन का दौरा किया और उदीयमान इंजीनियरों के खोज की सराहना की. इस दौरान नये तकनीक के जरिये किस तरह पर्यावरण को बचाया जा सकता है या तकनीकी तौर पर कंपनियों और आम जनजीवन को कैसे लाभांवित किया जा सकता है, इस पर भी प्रकाश डाला गया. इस मौके पर अपने संक्षिप्त संबोधन में टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि इनोवेटिव आइडिया (खोजपूर्ण खोज) दुनिया व इंडस्ट्री को नयी दिशा देती है. नयी-नयी तकनीक का इजाद हो, इसके लिए जरूरी है कि छात्रों के अंदर के इनोवेशन (नवोंवेशी प्रयोग) की इच्छा को जगाने का मौका दिया जाये. इस तरह के एक्जीबिशन छात्रों के ऐसे हौसले और क्रिएटिविटी को मंच प्रदान करती है. संस्थापक दिवस के मौके हर वर्ष आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय साइंस एक्जीबिशन में इस बार कुल 66 मॉडल को लगाया गया है. टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टीआरएफ, टिनप्लेट, एसएनटीआइ समेत टाटा स्टील व टाटा समूह से जुड़ी हुई कंपनियों और संस्थानों के प्रशिक्षु इंजीनियरों, इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा तैयार मॉडल लगाये गये है.

टीवी नरेंद्रन ने सभी स्टॉल पर जाकर मॉडल को देखा और उसे तैयार करने वाले विद्यार्थियों व उनकी टीम से बात की. इस प्रदर्शनी में ऐसे भी मॉडल लगाये थे, जिसके माध्यम से कंपनी में वर्तमान काम में बदलाव करने से जुड़ा था. ऐसे मॉडल के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि किस तरह से बदलाव कर काम को आसान और सुरक्षित बनाया जा सकता है. इसी तरह से सेफ ड्राइव का संदेश देती एक मॉडल जेट के छात्रों ने तैयार किया था जिसमें यह बताया गया कि किस तरह से बगैर हेलमेट के बाइक नहीं चलेगी. रोड व ह्यूमन सेफ्टी पर आधारित यह मॉडल फ्यूचर व्हीकल के तौर पर देखी गयी. दिव्य अंग नाम से एक स्टिक का मॉडल लगाया गया था. यह एक ऐसी स्टिक है जिसमें सेंसर लगा है. जो व्यक्ति नेत्रहीन होने के साथ कान से सुनने में लाचार है. यह मॉडल ऐसे व्यक्तियों को ध्यान में रख कर कर एन मोहिनी और सुरभि कुमारी ने बनाया था. यह विशेष प्रकार का स्टिक किसी तरह के खतरे का अहसास करते हुए वाइभ्रेट करने लगता है.




